बांदा। किसानों की परेशानी और सड़क हादसों का सबब बने अन्ना मवेशियों के संरक्षण के लिए चित्रकूटधाम मंडल में 60 गोशालाएं बनेंगी। इन पर 380 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा गो आश्रय स्थलों का विस्तार भी किया जाएगा। सबसे अधिक गोशालाएं चित्रकूट जिले में बनाई जाएंगी।
पशुपालन विभाग की 20वीं पशु गणना के अनुसार मंडल में अन्ना पशुओं की संख्या तकरीबन 2,55,495 है, लेकिन शासन ने मंडल के चारों जिले में 2,21,066 गोवंशों को ही अन्ना माना है। इनके लिए 1220 अस्थायी गोशालाएं हैं। इनकी क्षमता 1.30 लाख मवेशी रखने की है। इसके अलावा कान्हा गोशाला सहित 21 कांजी हाउस हैं। प्रत्येक की क्षमता 550 गोवंश रखने की है यानी 11550 पशु इनमें संरक्षित किए जा सकते हैं। इसी प्रकार 1800 गोवंशों की क्षमता वाले 30 वृहद गोसंरक्षण केंद्र हैं। इनकी 54 हजार पशु संरक्षण की क्षमता है।
यानि 1271 स्थायी व अस्थायी गोशालाओं सिर्फ 195550 पशुओं को रखने की क्षमता है, लेकिन मौजूदा समय में इनमें क्षमता से अधिक 2,06,899 अन्ना गोवंश संरक्षित हैं। चालू वित्तीय वर्ष में चित्रकूटधाम मंडल में पशुओं के संरक्षण के लिए 60 गो आश्रय स्थलों का निर्माण व गोशालाओं के विस्तारीकरण होगा। जिसमें 380 करोड़ खर्च होंगे। 250 करोड़ का बजट पहले ही मंडल को अवमुक्त किया जा चुका है। चालू वित्तीय वर्ष के बजट से 130 करोड़ रुपये और दिए जाएंगे। ताकि मंडल के शत प्रतिशत पशुओं को गो संरक्षण केंद्रों में संरक्षित किया जा सके।
गोशालाओं में ये होंगी सुविधाएं
नवनिर्मित गोशालाओं में 1800 गोवंशों (प्रत्येक) को रखने की क्षमता होगी। इसमें गोवंशों के लिए 20 फीट चौड़े व 100 फीट लंबे टिनशेड होंगे। इसके अलावा गोबर गैस प्लांट, कटिया मशीन, पांच चरही, पानी के लिए बोर, केयर टेकर के लिए कक्ष, 50-50 क्विंटल के दो भूसा गोदाम के साथ ही सोलर लाइट सिस्टम भी होगा।
वर्ष 2023-24 में 60 से अधिक गो संरक्षण केंद्र मिले थे। जिनका निर्माण हो रहा है। बजट से 130 करोड़ और मिलने के बाद ये जल्द ही बनकर तैयार हो जाएंगे। कई गो संरक्षण केंद्रों का विस्तारीकरण भी होगा। -राजेंद्र कुमार, उप निदेशक पशुपालन, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।