बांदा। पहली जुलाई से शुरू हो रहे नए शिक्षा सत्र में जिले के 50 प्राइमरी और 9 जूनियर स्कूल इंगलिश मीडियम स्कूल में तब्दील हो जाएंगे। इन्हें मिलाकर जिले में इंगलिश मीडियम स्कूलों की संख्या बढ़कर 99 हो जाएगी। इनमें 90 विद्यालय प्राइमरी स्तर के हैं।
परिषदीय स्कूलों में कुछ को चिह्नित कर उन्हें इंगलिश मीडियम स्कूल में परिवर्तित करने की शुरुआत दो साल पहले हुई थी। हर वर्ष इन स्कूलों में इजाफा हो रहा है। पहली जुलाई से इनकी संख्या में 59 और बढ़ जाएंगे।
इनमें 50 प्राइमरी और 9 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। अबकी पहली बार प्रत्येक विकास खंड में एक-एक अंग्रेजी मीडियम जूनियर विद्यालय भी खोला जा रहा है। इनमें बच्चों को इंगलिश मीडियम से शिक्षा देने के लिए अंग्रेजी का ज्ञान रखने वाले शिक्षकों को खोजने में बेसिक शिक्षा विभाग को काफी पापड़ बेलने पड़ रहे हैं।
25 जून को इन शिक्षकों की चयन परीक्षा बांदा स्थित जीआईसी में होगी। आवेदन लिए जा चुके हैं, लेकिन जूनियर विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के लिए शिक्षकों द्वारा आवेदन न किए जाने से विभागीय अधिकारी हैरान हैं। पांच जूनियर इंगलिश मीडियम स्कूलों के लिए प्रधानाध्यापक पद पर एक भी आवेदन नहीं आया।
शासन के निर्देश पर पहली जुलाई से नरैनी व बड़ोखर विकास खंड में 7-7, जसपुरा, तिंदवारी, बिसंडा, कमासिन, महुआ और बबेरू विकास खंडों में 5-5 इंगलिश मीडियम स्कूल खोले जा रहे हैं। इसके अलावा बांदा नगर में प्राथमिक और अन्य ब्लाकों में एक-एक जूनियर विद्यालय खोला जाएगा।
बेसिक शिक्षाधिकारी हरिश्चंद्र नाथ ने बताया कि इन स्कूलों में सहायक अध्यापक के लिए 324 और प्रधानाध्यापक के लिए 97 शिक्षकों ने आवेदन किए हैं। जूनियर स्कूलों में सहायक अध्यापक के लिए 140 और प्रध्यानाध्यापक के लिए मात्र चार आवेदन आए हैं। बांदा नगर समेत पांच जूनियर स्कूलों में प्रधानाध्यापक का कोई आवेदन नहीं आया।