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चुनावी वर्ष में सड़कों पर खर्च होंगे 56.68 करोड़

Sun, 26 Jun 2016 10:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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खुदाई करने वालों की ओर से अनुबंध की नियमों और शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। चुनावी वर्ष में चित्रकूटधाम मंडल की सड़कों पर 52.68 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शासन ने बुंदेलखंड विकास निधि से चारों जनपदों के लिए धनराशि आवंटित कर दी है। सबसे ज्यादा 17 करोड़ 16 लाख रुपये की सड़कें हमीरपुर में बनेंगी। ‘माननीयों’ के प्रस्ताव पर जल्द ही काम शुरू होगा।  पिछले वित्तीय वर्ष 2015-16 में बुंदेलखंड विकास निधि से मंडल को सिर्फ 25 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें भी काम न होने से आधी से ज्यादा रकम सरेंडर हो गई थी। ‘माननीयों’ के प्रस्ताव डीआरडीए (ग्राम विकास विभाग) में ठंडे बस्ते में पड़े रहे। अब चुनावी वर्ष होने से शासन ने माननीयों को तोहफा दिया है। विधायक और विधान परिषद सदस्य अपने प्रस्ताव के मुताबिक सड़कें बनवा सकेंगे। चित्रकूटधाम मंडल के लिए 52.68 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें 36.87 करोड़ अनुदान संख्या-56 से और 15.80 करोड़ रुपये अनुदान संख्या 83 से मिले हैं।
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सबसे ज्यादा हमीरपुर जनपद में 17 करोड़ 16 लाख 29 हजार रुपये सड़कों पर खर्च होंगे।  बांदा में 16 करोड़ 51 लाख 76 हजार, महोबा में 11 करोड़ 62 लाख 91 हजार रुपये और सबसे कम चित्रकूट में सात करोड़ 37 लाख 21 हजार रुपये से सड़कें बनेंगी। मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने चारों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों और पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंताओं को शीघ्र कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। कहा कि आवंटित धनराशि के सापेक्ष जनपद स्तर पर विधायक और एमएलसी के बीच नियमानुसार विभाजन किया जाए। उनसे मिले प्रस्तावों का आगणन तैयार कराकर डीआरडीए से जांच कराई जाए और रिपोर्ट उन्हेें भेजें। उन्होंने यह भी कहा है कि अगले वर्ष विधानसभा चुनाव हैं। इसलिए इसी वित्तीय वर्ष में प्रस्ताव लेकर पूरे 52.68 करोड़ रुपये सड़कों पर खर्च किए जाएं।

दफ्तर वाली संस्था को ही मिलेगा काम
बांदा। पिछले वित्तीय वर्ष में रायबरेली की यूपीपीसीएल यूनिट-17 को सड़क बनाने का काम मिला था लेकिन यह संस्था महोबा और हमीरपुर में कई सड़कें अधूरी छोड़कर पूरा भुगतान लेकर बनीं। मंडलायुक्त ने कहा कि सड़क बनाने का कार्य उसी संस्था को दिया जाए जिसका कार्यालय जनपद में हो। या फिर पीडब्ल्यूडी खुद कराए। इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन हो।
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‘डीआरडीए में आए माननीयों के प्रस्ताव की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। एक महीने में ये सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बारिश खत्म होते ही सड़कों पर तेजी से काम कराया जाएगा। ताकि चुनाव के पहले सड़कें पूरी तरह तैयार हो जाएंगे। संपर्क मार्गों के निर्माण को वरीयता दी जाएगी। रामकुमार सिंह,  मुख्य विकास अधिकारी, बांदा
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