बांदा। 50 अरब के कर्ज के बोझ तले दबे पांच लाख किसानों के बाद जल्द ही 55 हजार से ज्यादा और किसान कर्ज का बोझ ढोएंगे। इनमें 48 हजार किसान क्रेडिट कार्ड से और सात हजार अन्य कार्यों के लिए कर्ज लेंगे। बैंकों ने पिछले कर्ज की वापसी के आसार न होने के बावजूद केसीसी और कर्ज का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। 12 अरब रुपये से ज्यादा का कर्ज और दिया जाएगा।
पिछले तीन सालों में जनपद के 4,88,482 किसान 50 अरब 59 करोड़ 79 लाख रुपये का कर्ज ले चुके हैं। फसलें न होने से इनकी अदायगी नहीं हो पा रही। उधर, केंद्र व राज्य सरकारों के दबाव से इन परिस्थितियों में भी बैंक किसानों को क्रेडिट कार्ड और अन्य योजनाओं के जरिये कर्ज देने में हाथ नहीं खींचेंगे। इस वर्ष 48,075 किसानों को 8 अरब 26 करोड़ 32 लाख रुपये के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाएंगे। इसके अलावा 7,306 किसानों को 3 अरब 96 करोड़ 53 लाख रुपये के अन्य कर्ज दिए जाएंगे।