कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जनपद के 100 गांवों का समग्र विकास करेगा। कृषि के साथ विविधीकरण के प्रयोग होंगे। बदहाल बुंदेलखंड को समृद्ध बनाया जाएगा। यह जानकारी विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. यूएस गौतम ने दी।
उन्होंने बताया कि गांवों का चयन कर मिट्टी की जांच का काम शुरू कर दिया गया है। टीमें लगातार गांवों का भ्रमण कर रही हैं। प्रोग्राम फार रूरल एंड एग्रीकल्चरर एडवांसमेंट थॉट टेक्नालॉजिकल इंटरवेंशन के अंतर्गत गांव का संपूर्ण डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद प्रत्येक गांव की परिस्थिति का अध्ययन कर वहां की समस्या के निदान की रूपरेखा तय की जाएगी।
कुलपति ने बताया कि किसानों को रोगमुक्त बीज और समय-समय पर ट्रेनिंग दी जाएगी। सब्जी, फल, मशरूम की खेती के तरीके बताए जाएंगे। खेत के एक भाग में तालाब का निर्माण कराया जाएगा।
इसमें सिंघाड़ा, कमल, मछली का उत्पादन होगा। गांव के पंचायत घर, पाठशाला को वेस्ट मैटेरियल से सजाया जाएगा। इसके लिए गांव की महिलाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।