अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। आठ माह पूर्व विधान सभा चुनाव में हजारों वोटों की बढ़त के साथ चुनाव जीतने वाले भाजपा के सभी चारों विधायक निकाय चुनाव में अपना प्रदर्शन दोहरा पाने में फेल हो गए। अपने निर्वाचन क्षेत्र के निकायों में अपनी पार्टी के प्रत्याशियों को जीत नहीं दिला सके। सबसे ज्यादा खराब स्थिति बांदा और तिंदवारी विधान सभा क्षेत्रों की रही। बांदा विधान सभा क्षेत्र में इकलौती नगर पालिका परिषद, बांदा में भाजपा के स्थानीय विधायक प्रकाश द्विवेदी द्वारा प्रचार में भरपूर ताकत झोंकने के बाद भी अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के सिर जीत का ताज नहीं बंधवा सके।
इसी तरह तिंदवारी विधान सभा क्षेत्र में भाजपा के स्थानीय विधायक बृजेश प्रजापति को अपनी पार्टी की हार का सामना करना पड़ा है। इस विधान सभा क्षेत्र में दो नगर पंचायतें तिंदवारी और मटौंध है। तिंदवारी में आम आदमी पार्टी और मटौंध में कांग्रेस प्रत्याशी विजयी हुए हैं। नरैनी विधान सभा क्षेत्र में दो नगर पंचायतें नरैनी व ओरन तथा अतर्रा नगर पालिका परिषद है। यहां नरैनी क्षेत्र से राजकरन कबीर भाजपा विधायक हैं। अतर्रा नगर पालिका में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने जीत दर्ज कराई।
अलबत्ता नरैनी और ओरन नगर पंचायतों में भाजपा की जीत हुई है। जिले की बबेरू विधान सभा क्षेत्र में दो नगर पंचायतें बबेरू व बिसंडा हैं। यहां के भाजपा विधायक चंद्रपाल कुशवाहा हैं। निकाय चुनाव में बबेरू नगर पंचायत में तो भाजपा ने अपनी जीत दर्ज करा ली, लेकिन बिसंडा नगर पंचायत में हार गई। यहां बसपा प्रत्याशी को सफलता मिली है।
-बांदा और अतर्रा दोनों नगर पालिकाओं में भाजपा की हार
-तिंदवारी क्षेत्र की दोनों पंचायतों में भाजपा का पत्ता साफ
-नरैनी में दो और बबेरू में एक पंचायत में ही मिली जीत