अतर्रा। भुजवन पुरवा में शौचालय बनवाने को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम टीम के साथ गांव पहुंचे और दलित महिलाओं से बातचीत की। इसके बाद ही आनन-फानन सामुदायिक शौचालयों का निर्माण शुरू करा दिया गया। शुक्रवार को ही ‘अमर उजाला’ में यह खबर विस्तृृत रूप से प्रकाशित हुई थी।
भुजवन पुरवा (अतर्रा) ग्रामीण में दलित महिलाओं को घर में शौचालय न होने की बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है ‘अमर उजाला’ में 23 जून को यह खबर फोटो समेत प्रमुखता से छापी गई। उसी दिन जिलाधिकारी डॉ.सरोज कुमार के निर्देश पर एसडीएम अवधेश कुमार श्रीवास्तव भुजवन पुरवा पहुंचे।
उनके साथ नायब तहसीलदार विपिन कुमार व बीडीओ नरैनी लालव्रत यादव, एडीओ पंचायत जनार्दन प्रसाद कुशवाहा, सचिव मुकेश तिवारी भी थे। अफसरों ने गांव की दलित महिलाओं से बातचीत की और राज्य वित्त आयोग की धनराशि से शीघ्र सामुदायिक शौचालय बनवाने का भरोसा दिया।
बीडीओ लालव्रत ने बताया कि शौचालयों के लिए गड्ढों के खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है। तीन दिन के अंदर शौचालय बनकर तैयार हो जाएंगे। महिलाओं को खेतों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उधर, अतर्रा ग्रामीण के मजरा भुजवन पुरवा के 35 दलित परिवारों ने एसडीएम से पट्टे की जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की। एसडीएम ने मौके पर जांच की।
बताया कि पट्टे की जमीनों को चकबंदी के तहत कुछ लोगों ने अपने करा लिया है। इससे अभी तत्काल कब्जा दिलाना संभव नहीं है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। दलित महिलाओं और मनरेगा मजदूरों ने प्रधान द्वारा काम न देने की शिकायत की। आरोप लगाया कि प्रधान सपा सरकार में विशेष रसूख रखता था। जॉबकार्ड में फर्जी तरीके से मजदूरों के नाम दर्ज कर लाखों रुपये हड़प लिए। एसडीएम ने बीडीओ से मामले की जांच कर शीघ्र कार्रवाई के लिए कहा है।
-टीम के साथ पहुंचे एसडीएम, आनन-फानन में निर्माण कार्य शुरू
अमर उजाला ब्यूरो