बांदा। लॉकडाउन में प्रशासन ने शहर की सभी छोटी बड़ी किराना दुकानों को बंद करा दिया है। दावा किया जा रहा है कि लोगों को घर बैठे होम डिलीवरी के लिए कुछ दुकानों व गाड़ियों को अधिकृत किया गया है। ठठराही के होम डिलीवरी करने वाले दुकानदार का कहना है कि वह 500 रुपये से कम की होम डिलीवरी नहीं करेगा।
दुकानदार की इस शर्त से वे गरीब होम डिलीवरी से वंचित हो जाएंगे, जो रोजाना किलो-दो किलो आटा आदि खरीदते हैं। हालांकि व्यापारी नेता अमित सेठ भोलू का कहना है कि मोहल्ले-मोहल्ले जाने वाली किराना वैन में ऐसी कोई शर्त नहीं है। होम डिलीवरी करने वाले दुकानदारों को समझाया जाएगा। इस बारे में जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी का जवाब अजब रहा। गरीबों की अनदेखी और दुकानदारों की वकालत करते हुए वह बोले- दो रुपये का सामान थोड़ी किसी के घर देने जाएगा।
मजदूरों को लेने कानपुर और सतना गईं 13 बसें
बांदा। लॉकडाउन में दिल्ली और एमपी सीमा में फंसे बांदा और चित्रकूट के मजदूरों को लाने के लिए यहां की 13 रोडवेज बसें कानपुर और सतना भेजी गई हैं। फैक्ट्रियां बंद होने के बाद ये लोग पैदल सीमा तक आ गए। रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परमानंद ने बताया कि शासन के निर्देश पर इन मजदूरों को कानपुर तक लाने के लिए लगाई गई बसों में 10 बसें बांदा डिपो की भी हैं।
शनिवार को इन बसों को कानपुर के लिए रवाना कर दिया गया। उधर, सतना में फंसे सौ से अधिक छात्र-छात्राओं को लेने के लिए डीएम के निर्देश पर 3 बसों को सतना (एमपी) भेजा गया है। उधर, सीएमओ डा.संतोष कुमार के निर्देश पर कानपुर से आने वाले यात्रियों को पहले जिला अस्पताल भेजा जाएगा। वहां उनकी जांच होगी। इसके बाद ही चिकित्साधिकारियों की सलाह पर उन्हें घरों को भेजा जाएगा।