बांदा। जिले के युवा सूर्य मित्र बनेंगे और घरों में सौर्य ऊर्जा के माध्यम से बिजली पहुंचाने में तकनीकी सहायक की भूमिका निभाएंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास और मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना के अंतर्गत आईटीआई 114 युवाओं को प्रशिक्षित करेगा। अब तक करीब पचास प्रतिशत युवाओं ने सूर्य मित्र बनने के लिए आवेदन किए हैं।
बुंदेलखंड क्षेत्र में सौर्य ऊर्जा से बिजली बनाने के प्लांट में युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना रहती है। अनुदेशक विकास मिश्रा ने बताया कि सोलर पैनल स्टॉलेशन टेक्नीशियन (एसपीआईटी) कोर्स में सौर्य ऊर्जा पैनल संबंधित ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें तकनीकी जानकारी दी जाएगी, जिसमें बताया जाएगा कि किस तरह से सूर्य की ऊर्जा से बिजली बनती है।
इसके लिए आईटीआई में ही छत पर खुली लैब के रूप 40 किलोवाट का सिस्टम है, जहां प्रशिक्षार्थियों को बारीकियां बताईं जाएंगी। साथ ही नजदीक के प्लांट में उनकी विजिट कराकर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कौशल विकास के तहत स्टेट से 60 और केंद्र से 54 का लक्ष्य है। इ
-सूर्य मित्र बनने के लिए सबसे ज्यादा बेटियों के आवेदन आईटीआई पहुंचे हैं। 55 में 30 लड़कियों ने एपीआईटी की ट्रेनिंग लेने के लिए आवेदन किया है। अनुदेशक ने बताया कि आत्मनिर्भर बनने के लिए सबसे ज्यादा आवेदन बेटियों के ही आ रहे हैं।
-आईटीआई प्राचार्य प्रदीप अग्निहोत्री ने बताया कि कौशल विकास योजना के तहत पांच कोर्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें सूर्य मित्र के अलावा ऑफिस असिस्टेंट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, टेक्नीशियन होम अप्लायसेंस, ब्यूटीशियन है, इसमें 240 का लक्ष्य था। इसमें 230 को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।