बांदा। चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय में स्थित पुलिस लाइन में मंगलवार की रात डेढ़ बजे सिपाहियों के लेटने के लिए बनी बैरक के बरामदे की छत भरभराकर गिर गई। मलबे के नीचे दबकर एक सिपाही की मौत हो गई। करीब 90 साल पुरानी (ब्रिटिश कालीन) इमारत में सीलन होने से हादसा हुआ। सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से पूरी बैरक को ध्वस्त कराया।
कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र के गीता बांगर कट्टा पुरवा गांव निवासी आरक्षी सोनेलाल यादव (50) सोमवार रात सिपाहियों को ठहरने की बैरक के बरामदे में सो रहे थे। रात करीब डेढ़ बजे अचानक बरामदे की छत ढहने से वह मलबे में दबकर गंभीर घायल हो गए। हादसा होने पर पुलिस लाइन में सायरन बज उठा।
सूचना मिलते ही एसपी अंकुर अग्रवाल, अपर एसपी लक्ष्मी निवास मिश्र, सीओ सिटी गवेंद्र पाल गौतम, सीओ सदर अंबुजा त्रिवेदी शहर कोतवाल मनोज शुक्ल मौके पर पहुंच गए। घायल सिपाही को मलबे से निकालकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां ट्रामा सेंटर में तैनात डॉ. आकाश ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। उधर, हादसे के बाद एसपी अंकुर ने चार जेसीबी बुलाकर बैरक का गिरा हुआ पूरा हिस्सा ध्वस्त करा दिया।
पुलिस का यह रेस्क्यू ऑपरेशन दो घंटे तक चला। एसपी का कहना है कि पुलिस लाइन स्थित पुरानी इमारत के बरामदे की छत गिरने से हादसा हुआ है। फिलहाल पुलिस लाइन में निर्मित पुरानी इमारतों की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी से सर्वे कराया जा रहा है।