बांदा। अदालत में एक दिन विभिन्न न्यायालयों में चल रहे 45224 मुकदमे सुलह-समझौते से निपट गए। मोटर दुर्घटना के 31 मामले में पीड़ित पक्ष को बीमा कंपनियों से एक करोड़ 30 लाख 68 हजार रुपये दिलाए गए। बैंक ऋण वसूली के 229 मामले निपट। करीब 10 करोड़ से अधिक की छूट देते हुए बैंकों ने बकायेदारों से 21 करोड 70 लाख पांच हजार की वसूली की।
शनिवार को प्रभारी जनपद न्यायाधीश मोहम्मद कमरुज्जमां खान की अध्यक्षता में जनपद मुख्यालय सहित तहसील मुख्यालयों में राष्ट्रीय लोक अदालतें लगीं। उन्होंने दो मामलों का निस्तारण किया। राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने 54, धर्मेंद्र कुमार मोटर दुर्घटना अधिकरण के पीठासीन अधिकारी ने 31 अनु सक्सेना विशेष न्यायाधीश पाक्सो, निरंजन कुमार अपर जिला जज एससी एसटी एक्ट ने दाे-दो, छोटे लाल विशेष न्यायाधीश डकैती कोर्ट ने एक, गुनेंद्र प्रकाश विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट विद्युत अधिनियम के 81 मामले निस्तारित किए।
नदीम अनवर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सर्वाधिक 936 वादों का निपटाया। इसके अलावा भगवानदास गुप्ता सिविल जज सीनियर डिवीजन ने 14, उत्तराधिकार के 9, दीवानी के 5, गरिमा सिंह प्रथम अपर सीजेएम ने 169, अनुजा सिंह सिविल जज जूनियर डिवीजन 31 वादों का निस्तारण किया।सौम्या मिश्रा अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन, मनीषा साहू सिविल जज जूनियर डिवीजन, कंचन सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम, अभय कुमार सिविल जज जूनियर डिवीजन, नितिन सिंह सिविल जज अतर्रा, सौरभ आनंद बबेरू, कौशल किशोर विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट, कमलेश दुबे अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत ने भी वादों का निस्तारण कर अर्थ दंड आरोपित किए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुचेता चौरसिया ने कार्यक्रम की सराहना की। कहा कि इन मुकदमों के निस्तारण में खास बात यह है कि फैसले के खिलाफ किसी भी अदालत में अपील नहीं की जा सकती है। इसके निस्तारण में न किसी की हार होती है और न किसी की जीत। दोनों पक्षों के आपसी सामंजस्य से मुकदमे का निस्तारण किया जाता है।