बांदा। शहर और ग्रामीण इलाकों में 45 मिनट की तेज बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया, अधिकतम तापमान लुढ़ककर 32 डिग्री तक पहुंच गया। दोपहर तीन बजे के पूर्व तक अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक रिकार्ड किया गया था। जबकि न्यूनतम तापमान स्थिर रहा। यह 28 डिग्री पर टिका रहा। जनपद में 15.4 मिमी बारिश का आंकड़ा रिकॉर्ड किया गया। बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव के नजारे आम रहे।
शनिवार की शुरुआत सुबह से ही उमस और गर्मी से हुई। दोपहर तीन बजे उमड़-घुमड़कर आए बादलों के बीच तकरीबन 45 मिनट तक जोरदार बारिश हुई। हवा में नमी का प्रतिशत 68 रहा। छह किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। शहर के झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय हाईवे पर अशोक लाट तिराहा से तहसील रोड में जलभराव रहा।
बांदा से तकरीबन 20 किमी स्थित मटौंध कस्बे में दोपहर करीब तीन बजे एक घंटा बारिश हुई। झाल बाबा के मंदिर के पास रास्ते में जलभराव होने से आवागमन बाधित रहा। बारिश होने से गर्मी से लोगों को राहत मिलने के साथ-साथ क्षेत्र में किसानों द्वारा बोई गई तिल की फसल को जीवन दान मिला है। किसान आसाराम, सुधीर सिंह, अजय शुक्ला, बिंदादीन पाल, द्वारिका, बलदेव, जगदेव कुशवाहा आदि ने बारिश से खुशी जताई है।
उधर, तिंदवारी में हुई रिमझिम बारिश से धान और तिल की फसल के लिए प्रगतिशील किसानों ने कहा कि यह बारिश किसानों के लिए वरदान से कम नहीं है। किसान गजराज ने बताया कि मानसून के दौरान रुक-रुक कर होने वाली हल्की और मध्यम वर्षा से किसानों को फायदा ही फायदा है। किसान विजयपाल सिंह ने बताया कि बारिश से खेतों में प्राकृतिक रूप से पानी भर जाता है, जिससे किसानों को निजी साधनों से सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी।
अभी रहेगी गर्मी से राहत
शनिवार को बारिश के बाद मिली राहत अभी बरकरार रहेगी। कृषि एवं मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाहा ने बताया कि मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार अभी तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। इससे गर्मी से राहत बनी रहेगी।
फोटो-10- शहर में बारिश के दौरान बस स्टैंड पर लोग बारिश से बचने के लिए परेशान नजर आए। संवाद
फोटो-10- शहर में बारिश के दौरान बस स्टैंड पर लोग बारिश से बचने के लिए परेशान नजर आए। संवाद