बांदा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योजना के आवास अधूरे होने पर जनपद के सात खंड विकास अधिकारियों को जिला ग्राम विकास अधिकारी आरपी मिश्रा ने नोटिस जारी किया है। तीन दिन में जवाब मांगा है। अधूरे आवास शीघ्र पूरे न कराने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। जनपद में पिछले वर्ष के 420 आवास अधूरे हैं।
वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री आवास योजना में जनपद को 8,850 आवास का लक्ष्य दिया गया था। डेढ़ साल बाद भी शत प्रतिशत आवासों का निर्माण पूरा नहीं हुआ। चार सैकड़ा से अधिक आवास अभी भी अधूरे हैं। महुआ में 1497 में 108, नरैनी में 1712 में 103 आवास अधूरे हैं। बड़ोखर ब्लाक में 1208 में 39, बबेरू में 652 में 31, बिसंडा में 1292 में 26, जसपुरा में 571 में 32, कमासिन में 922 में 52, तिंदवारी में 996 में 14 आवास पूरे नहीं बन पाए। उधर, मुख्यमंत्री आवास योजना के महुआ में 11 में 6, नरैनी में 2 में 2, बबेरू में 26 में 1, बिसंडा में 16 में 6, जसपुरा में 14 में 8, कमासिन में 23 में 1, तिंदवारी में 16 में 1 आवास अधूरा है।
पिछले माह प्रदेश स्तर पर हुई समीक्षा में आयुक्त ग्राम्य विकास (लखनऊ) ने नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे। जिला ग्राम्य विकास अधिकारी आरपी मिश्रा ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते निर्माण की गति धीमी पड़ गई है। खंड विकास अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। निर्देश दिए गए हैं कि लाभार्थियों को 31 जुलाई तक तीसरी किस्त प्रदान कर आवासों को पूरा कराया जाए। लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की जाएगी।