बांदा। हाईकोर्ट के आदेश पर पुनर्मूल्यांकन में सफल घोषित हुए 48 शिक्षकों को यहां नियुक्त कर दिया गया है। इनमें अधिकांश की तैनाती अध्यापक विहीन या एकल विद्यालयों में की गई है। हालांकि अभी भी जिले में लगभग सौ विद्यालय अध्यापकों की कमी से जूझ रहे हैं। लगभग साढ़े चार सौ शिक्षकों की कमी है। 2036 विद्यालयों में 6901 अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं। इनमें 6449 ही नियुक्त हैं।
पिछले साल प्रदेश में 68,500 प्राथमिक शिक्षकों की हुई भर्ती में 48 अध्यापकों को परीक्षा में फेल कर दिया गया था। इसके विरुद्ध अध्यापकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इनका पुनर्मूल्यांकन कराया, जिसमें ये सब सफल घोषित हुए। अब इन्हें तैनाती दे दी गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चंद्र नाथ ने बताया कि शासन के आदेश पर काउंसलिंग के बाद इनकी तैनाती की गई है। इन्हें मिलाकर जिले में शिक्षकों की संख्या अब 6449 हो गई है। बीएसए ने बताया कि हरेक ब्लाक के अध्यापक विहीन 6-6 स्कूलों को चिह्नित करके वहां नए शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। हालांकि अभी भी 451 शिक्षकों की और आवश्यकता है। बीएसए के मुताबिक जिले में कोई भी विद्यालय अब शिक्षकविहीन नहीं है।
इसी माह रिटायर्ड हो जाएंगे 93 शिक्षक
परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 93 शिक्षक इसी माह 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इनमें जसपुरा के 11, तिंदवारी के 13, कमासिन के 9, बड़ोखर के 16, नरैनी के 17, महुआ के 13, बबेरू के 10, नगर क्षेत्र के 5 विद्यालय शामिल हैं। सात विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें सिर्फ एक ही शिक्षक तैनात है। बीएसए ने ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था के लिए बीईओ को आदेश दिए हैं।
परिषदीय स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं कल से
बांदा। बेसिक शिक्षा परिषद की वार्षिक परीक्षाएं 16 मार्च (शनिवार) से होंगी। यह पांच दिन चलेंगी। रोजाना दो पालियों में होंगी। 16 मार्च को हिन्दी, खेल एवं स्वास्थ्य, 18 मार्च को गणित, संस्कृत और उर्दू, 19 मार्च को अंग्रेजी, विज्ञान और पर्यावरण, 23 मार्च को कृषि विज्ञान तथा 25 को हमारा परिवेश, समाजिक विषय, स्काउट गाइड की परीक्षाएं होंगी।