बांदा। स्वच्छ भारत मिशन चित्रकूटधाम मंडल के नगरीय क्षेत्रों में परवान नहीं चढ़ पा रहा। शहर और कस्बों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) किए जाने को महज 45 दिन बचे हैं, लेकिन अभी भी चारों जिलों के 117 वार्ड ओडीएफ नहीं हो पाए हैं। यह खुलासा शासन द्वारा कराई गई तृतीय रैकिंग में हुआ है। प्रतिदिन तीन वार्ड ओडीएफ किए जाएं तब जाकर निर्धारित समय के अंदर लक्ष्य पूरा हो पाएगा। चित्रकूटधाम मंडल में कुल 384 वार्ड हैं। इनमें अब तक 267 (69.53 प्रतिशत) वार्ड ओडीएफ हो पाए हैं।
भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2 अक्टूबर 2018 तक मंडल के सभी 384 वार्डों को ओडीएफ किया जाना है, लेकिन हाल में स्वच्छ भारत मिशन द्वारा कराए गई तृतीय रैकिंग में पता चला है कि अब तक (17 अगस्त 2018) मंडल में महज 267 वार्डो को ही ओडीएफ किया गया है। दो अक्तूबर तक मंडल के सभी वार्डों को शत-प्रतिशत ओडीएफ करने के लिए अब रोजाना तीन वार्डों को ओडीएफ करने की चुनौती है। यानी 45 दिनों में 117 वार्डों को ओडीएफ किया जाना है।
नगरीय क्षेत्रों को ओडीएफ करने में फिसड्डी जनपदों को लेकर स्वच्छ भारत मिशन के संयुक्त निदेशक मृत्युंजय ने नाराजगी जाहिर की है। जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा है कि वह हर हाल में गांधी जयंती (2 अक्तूबर) के पूर्व नगरीय क्षेत्रों को ओडीएफ कराए जाने के लिए अभियान चलाएं।
लापरवाही बरतने वाले अधिशासी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उधर, इस बाबत स्थानीय निकाय प्रशासिनक अधिकारी केके वाजपेई ने बताया कि निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वह 2 अक्टूबर 2018 के पूर्व स्थानीय निकायों को शत-प्रतिशत ओडीएफ किया जाए।
वार्डों के ओडीएफ मामले में अतर्रा नगर पालिका परिषद की स्थिति बेहतर है। यहां पर अब तक 25 वार्डो में 22 को ओडीएफ किया जा चुका है। जब कि मंडल मुख्यालय बांदा नगर पालिका परिषद समेत नगर पंचायत मटौध, ओरन, बबेरू, बिसंडा, नरैनी की स्थिति खराब है। यहां पर 70 से 72 फीसद वार्ड ही ओडीएफ हो सके है। ब्यूरो