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छह माह में एचटी लाइनों से तीन किसान, 18 मवेशी मरे

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बांदा। जर्जर एचटी या एलटी लाइनों से पशुओं और इंसानों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। पावर कारपोरेशन कुछ मामलों में मुआवजे के रूप में आर्थिक भरपाई करता है। लेकिन, इसकी प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल है। चित्रकूटधाम मंडल में बीते छह माह के दौरान तीन किसानों और 18 पशुओं की करंट से मौत हुई, लेकिन मुआवजा सिर्फ दो किसानों के परिजनों को मिल पाया है। एक किसान और छह पशुओं की मौत मामले में मुआवजा देना अभी बाकी है।
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गांवों में ज्यादातर एचटी लाइनेें जर्जर और ढीली हैं। हवा के तेज झोंके में ही खंभे टेढे़ होने से लाइनें खेतों के नजदीक आ जाती हैं और अक्सर टूट जाती हैं। खेत या शौच को जा रहे ग्रामीण या किसान तथा चरने जा रहे पशु इनकी चपेट में आकर मौत के मुंह समा जाते हैं। यह घटनाएं लगातार हो रही हैं।

पावर कारपोरेशन या प्रदेश सरकार इस पर कोई ठोस उपाय नहीं कर रही। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में बीते छह माह के दौरान पावर कारपोरेशन की इस लापरवाही का खामियाजा 3 किसानों और 18 पशुओं को जान गंवाकर भुगतना पड़ा।
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पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता (चित्रकूटधाम मंडल) एसके सक्सेना ने बताया कि छह पशुपालकों और एक मृृतक किसान के आश्रितों को अभी 4 लाख 63 हजार 400 रुपये मुआवजा दिया जाना बाकी है। उन्होंने बताया कि 15 पशुओं की मौत पर विभाग ने 3 लाख रुपया मुआवजा अदा कर दिया है। तीन किसानों की मौत पर दो के आश्रितों को 4 लाख रुपये दिए जा चुके हैं।

बताया कि किसी व्यक्ति की मौत पर पावर कारपोरेशन दो लाख रुपये मुआवजा देता है। पशुओं की मौत पर अधिकतम 16 हजार 400 रुपये तक मुआवजा दिए जाने का प्राविधान है। मुख्य अभियंता का कहना है कि मुआवजा उसी स्थिति में दिया जाता है जब विभाग की गलती से मौत हुई हो।

मुख्य अभियंता ने बताया कि बीते छह माह के दौरान चित्रकूटधाम मंडल में पशुओं की मौत के 25 मामले विभाग को प्राप्त हुए हैं। इनमें चार मामलों में पशुओं के शवों का पोस्टमार्टम न कराए जाने पर उन्हें निरस्त कर दिया गया। 21 मामले सही पाए गए। मुख्य अभियंता ने बताया कि मुआवजे के लिए कारपोरेशन के पास बजट उपलब्ध है। प्रक्रिया पूरी होते ही अदायगी की जाती है।
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-एक किसान और छह पशुओं का नहीं मिला मुआवजा
-दो किसानों को 4 लाख, 15 पशुओं के पालकों को 3 लाख मिला क्लेम
-चित्रकूटधाम मंडल में नहीं थम रहीं एचटी व एलटी लाइनों से मौतें
अमर उजाला ब्यूरो
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