जिला व तहसील मुख्यालयों में आयोजित मेगा लोक अदालत में 403 मुकदमे सुलह-समझौते से निपटाए गए। आपराधिक मामलों में 1,19,560 रुपये जुर्माना किया गया। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के मामलों में पीड़ितों को 25 लाख रुपये दिलाए गए।
रविवार को यहां जजी परिसर में आयोजित लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश रामकृष्ण गौतम ने मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति संबंधी तीन मामले निस्तारित किए। पीड़ित पक्ष को बीमा कंपनी से क्षतिपूर्ति दिलाई गई।
विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) राम कुमार ने एक और विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) संजय सिंह ने मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति संबंधी दो मामले निपटाए। चतुर्थ अपर जिला जज प्रमोद कुमार ने भरण पोषण संबंधी सात मामलों का निस्तारण किया। सीजेएम रामदयाल ने 33 मुकदमे निस्तारित कर 14,900 रुपये जुर्माना किया।
सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नरेश कुमार ने पांच व्यावहारिक व उत्तराधिकार संबंधी वाद निस्तारित किए। पक्षकारों को 1,95,643 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किए गए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) चंद्रमणि मिश्रा ने 118 मामले निस्तारित कर 63,290 रुपये जुर्माना किया।
प्रथम अपर सीजेएम संजय मिश्र ने सात मामले निपटाए और 5400 रुपये जुर्माना किया। द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तबरेज अहमद ने 22 मामले निपटाकर 10,700 रुपये जुर्माना किया। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) वीएन पांडेय ने दो व सिविल जज (अतर्रा) जीपी शुक्ला ने पांच मामलों का निपटारा किया।
सिविल जज (जूनियर डिवीजन), बबेरू प्रदीप कुमार ने सात और विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर त्रिपाठी ने 14 लघु व आपराधिक मामले निस्तारित कर 17,900 रुपये जुर्माना किया। राजस्व मामलों में सिटी मजिस्ट्रेट ने 35, एसडीएम, बबेरू ने 15, अतर्रा ने 47 और तहसीलदार, बबेरू ने 30, नरैनी ने 16 व अतर्रा ने 32 वाद निस्तारित किए।