बदौसा में गेहूं की फसल सफाचट करतीं अन्ना गायें।
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बदौसा। कस्बा समेत तीन गांवों की 400 बीघे जमीन की फसल अन्ना जानवर चट कर गए। बची फसलें बचाने को किसान पूरे कुनबे के साथ रतजगा कर रहे हैं। हालात यह हैं कि लोगों को पहरेदारी के बाद भी पशुओं से फसलों को नहीं बचा रहे हैं। बदौसा, बरछा ब, दुवरिया आदि गांवों में बीते एक पखवारे में 400 बीघा से अधिक की फसल अन्ना जानवर खा चुके हैं। बदौसा के किसान राजेंद्र उपाध्याय व भाई नरेंद्र की 12-12 बीघे, नन्ना यादव की सात बीघे, किशोरी प्रजापति की छह बीघे, रामकिशुन रैकवार की 4 बीघे, बरछा के किसान विजय प्रताप विश्वकर्मा के 14 बीघे, रामबहोरी रैकवार की 4 बीघे, रामकिशुन की 6 बीघा, रघुनंदन सोनकर व रामफल की 4-4 बीघा, दुवरिया में जाहिद अली की 6 बीघे, शमीम खान की 8 बीघे, किशोरी व चुनूबाद की 6-6 बीघे की गेहूं, चने, अरहर की फसलें अन्ना पशु चर गए हैं। बदौसा निवासी दलित चंद्रपाल के 70 वर्षीय पिता महादेव सहित राजा, पप्पू, व्यं चंद्रपाल खेतों पर ही परिवार के साथ रात काट रहे हैं। इन गांवों में पशुओं का रेला बढ़ता ही जा रहा है। इस समय करीब तीन हजार से अधिक अन्ना पशु विचरण कर रहे हैं। शाम को मुख्य सड़कों में इनके जमा होने से जाम भी लगता है। किसान रतजगा के बाद भी फसलों को नहीं बचा पा रहे हैं। तहसील व जिला प्रशासन इस पर चुप्पी साधे है।