बांदा। खरीफ सीजन में लक्ष्य से दो-तीन गुना डीएपी का वितरण करने वाली निजी दुकानों सहित 38 सहकारी समितियों की जांच होगी। अफसर पता लगाएंगे कि इतनी अधिक खाद की बिक्री क्यों हुई जबकि तीन सालों के रिकाॅर्ड के अनुसार इतनी खाद कभी नहीं बिकी।
सरकार अब दानेदार उवर्रक के स्थान पर नैनो उवर्रक को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में जनपद में छह निजी व 23 सहकारी समितियों ने लक्ष्य से दो से तीन गुना डीएपी की बिक्री है। इनमें जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि शासन ने इन सभी दुकान व सहकारी समितियों के जांच के आदेश दिए हैं। बताया कि जनपद में रबी के लिए एडवांस में 4100 मीट्रिक टन यानि 82 हजार बोरी डीएपी का स्टाॅक रखा गया है। हालांकि उन्होंने किसानों से नैनो यूरिया के इस्तेमाल पर जोर दिया है।