बांदा। जिले के 373 ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान और सदस्यों को नामित अधिकारी 26 मई (बुधवार) को वर्चुअल शपथ दिलाएंगे। 27 मई को नवगठित ग्राम पंचायतों में पहली बैठक होगी। इसी के साथ गांव की नई सरकार का कामकाज शुरू हो जाएगा। उधर, 96 ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम पूरा न होने से शपथ ग्रहण कार्यक्रम नहीं होगा। यहां ग्राम प्रधानों को कोरम पूरा होने तक इंतजार करना पड़ेगा।
शासन द्वारा नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान और सदस्यों के शपथ ग्रहण एवं पहली बैठक का कार्यक्रम जारी होने के साथ ही जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने नव गठित 373 ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों और सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए अधिकारी नामित किए हैं। बिसंडा ब्लाक में तहसीलदार (अतर्रा), बड़ोखर खुर्द में एसडीएम (बांदा), कमासिन में तहसीलदार (बबेरू), बबेरू व नरैनी में एसडीएम, महुआ में एसडीएम (अतर्रा), जसपुरा में तहसीलदार (पैलानी) व तिंदवारी में एसडीएम (पैलानी) ब्लाक कार्यालय में बैठकर वर्चुअल माध्यम से शपथ दिलाएंगे। खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शपथ ग्रहण पंचायत भवन, सामुदायिक भवन अथवा कॉमन सर्विस सेंटर में होगी।
डीएम ने लैपटाप और इंटरनेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। ग्राम प्रधानों के शपथ पत्र डीपीआरओ व सदस्यों के शपथ पत्र खंड विकास अधिकारी के पास सुरक्षित रखे जाएंगे। इसके साथ ही 27 मई को नवगठित ग्राम पंचायत की पहली बैठक होगी। इसमें गांव के विकास के साथ कोविड-19 के दृष्टिगत परिस्थितियों और कारगर उपायों पर चर्चा होगी। बैठक के मुख्य बिंदु एवं सुझावों को जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से पंचायती राज निदेशालय को भेजे जाएंगे। एजेंडा में ग्राम पंचायत की छह समितियों सहित निगरानी समिति के पुनर्गठन की कार्रवाई भी होगी। इस बाबत जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि 96 ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम पूरा न होने से यहां शपथ ग्रहण व पहली बैठक नहीं होंगी।
अध्यक्ष ने पीडब्ल्यूडी को भेजा पत्र
बांदा। अंडरपास के क्षतिग्रस्त मार्ग निर्माण को लेकर पालिकाध्यक्ष ने अधिशासी अभियंता (पीडब्ल्यूडी) को पत्र भेजा है। कहा कि क्षतिग्रस्त मार्ग का निर्माण पालिका ने 10 अप्रैल से शुरू कराते हुए पूरा करा दिया, लेकिन पीडब्ल्यूडी द्वारा 12 अप्रैल से शुरू किया गया कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ। मार्ग अधूरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। अंडरपास सड़क शीघ्र बनवाई जाए, ताकि राहगीरों को दिक्कत का सामना न करना पड़े। (संवाद)