बांदा। डेंगू को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए अलर्ट के बाद जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड बना दिया गया, लेकिन जांच संबंधी सुविधाएं नहीं हैं। मौसमी बीमारियों की भरमार होने से डेंगू के लिए हृदय रोग विभाग के कार्डियोलाजी वार्ड को आरक्षित कर दिया गया है, जिसमें आठ बेड हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना 1300 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। डेंगू के मरीज पाए जाने पर उन्हें बनाए गए विशेष वार्ड में भर्ती किया जाता है। लेकिन डेंगू की जांच के लिए किट नहीं है और न ही अलग से स्टाफ है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.किशोरीलाल ने बताया कि डेंगू का प्रकोप जुलाई से अक्तूबर माह तक रहता है।
हालांकि मौजूदा समय में डेंगू का कोई मरीज नहीं है। अन्य रोगों के 140 मरीज भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर डेंगू की जांच के लिए किट उपलब्ध कराने और चार स्टाफ नर्स व दो वार्ड ब्वाय नियुक्त कराने का अनुरोध किया है।
गौरतलब है कि डेंगू की जांच चित्रकूटधाम मंडल में उपलब्ध नहीं है। इसके लिए मरीज को कानपुर या लखनऊ जाना होता है। उधर, प्राइवेट पैथालाजी वाले खून का नमूना लेकर जांच के लिए महानगरों को भेजते हैं। इसमें वह 600 से 800 रुपये तक लेते हैं।
-जांच के लिए जिला अस्पताल में नहीं हैं किट
-सीएमएस ने सीएमओ को पत्र से अवगत कराया
-रोजाना 1300 मरीज आ रहे जिला अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो