बांदा। बारिश के साथ उमस भरी गर्मी में वायरल फीवर और उल्टी दस्त के मरीजों में इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों का तांता लग रहा है। संक्रामक बीमारियों से ग्रसित होकर प्रतिदिन रोगी इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में 1200 लोगों ने पंजीयन कराया। इनमें 300 मरीज वायरल फीवर और उल्टी दस्त के रहे। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में लंबी लाइन लगी रही। उधर, ट्रामा सेंटर में भी बेड कम पड़ जाने से बच्चों और बड़ों का बेंचों में लेटाकर इलाज किया गया।
जिले में इन दिनों संक्रामक बीमारियों का प्रकोप है। वायरल फीवर, उल्टी दस्त और आई फ्लू के मरीजों से अस्पताल भरा रहा। शनिवार को फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ और नेत्र विभाग में मरीजों का तांता लगा रहा। कोई बुखार तो कोई उल्टी दस्त और कोई आंख लाल कर अस्पताल पहुंचा। जिला अस्पताल में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. ह्दयेश पटेल ने बताया कि प्रतिदिन उनकी ओपीडी में 150 मरीज वायरल फीवर से संबंधित आ रहे हैं। इसी तरह से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन 150 बाल रोगी आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर दस्त और वायरल फीवर से पीड़ित हैं। उधर, नेत्र विभाग में डॉ. एसपी गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन 100 की ओपीडी चल रही है। जिसमें ज्यादातर मरीज आई फ्लू से संबंधित हैं। ट्रामा सेंटर में प्रतिदिन 100 मरीजों का आकड़ा है। शनिवार को यहां बेड कम पड़ जाने से बच्चों का इलाज बेंचों में भी किया गया।
डॉक्टर बोले-खानपान का रखें ध्यान
फिजिशियन डॉ. ह्दयेश पटेल व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि बदलते मौसम में बच्चों और बड़ों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है। इस मौसम में खाली पेट न रहे। गर्मी से आकर ठंडे में न जाएं। हो सके तो फ्रिज का ठंडा पानी न पिएं। घड़े का पानी पी सकते हैं। घर के आसपास गंदगी और जलभराव न होने दें। अगर रोगी को बुखार, खांसी, जुकाम है तो उसे अलग रखे। घर के और सदस्यों के करीब न आने दें। बच्चों को समय से भोजन कराएं। ताकि बदहजमी न होने पाए।