मटौंध। शवदाह गृह में बंद लगभग 300 मवेशियों के चारे-भूसे के इंतजाम पर किसानों के हाथ खड़े करने से नाराज नगर पंचायत अध्यक्ष ने इन्हें रिहा कर दिया। इनके विचरण से किसानों की नींद हराम हो गई है। फसलों को बचाने के लिए किसान दिन-रात खेतों में डेरा डाले हैं।
क्षेत्र में घूम रहे अन्ना मवेशियों को नगर पंचायत अध्यक्ष ने आठ दिन पूर्व शवदाह गृह स्थल में बंद करा दिया। चारे-भूसे का भी इंतजाम किया। बुधवार को सुबह हरदोनी व बसहरी गांव के कुछ किसान लगभग 300 मवेशियों को यहां हांक लाए। अध्यक्ष बिंदादीन पाल ने इनके चारे-भूसे का इंतजाम करने को कहा। किसानों ने दोटूक मना कर दिया। इस पर अध्यक्ष ने बाड़े में बंद सभी अन्ना मवेशियों को छोड़ दिया। अब यह अन्ना मवेशी किसानों के लिए बवाले जान बने हैं। सैकड़ों की संख्या में झुंड में घूम रहे मवेशी मौका लगते ही फसलें सफाचट कर रहे हैं।
किसान अजय शुक्ला, परशुराम कुशवाहा, जयेंद्र सिंह, नन्हें कुशवाहा, नन्हू पाल ने कहा कि अन्ना जानवरों से फसलों को बचाने के लिए रात-दिन खेत में बिताना पड़ रहा है। कई किसानों की सैकड़ों बीघा फसल सफाचट या रौंदने से बर्बाद हो गई। आवारा पशुओं के झुंड से नेशनल हाईवे पर जाम लग रहा है। किसानों ने डीएम से मवेशियों को बंद कराने और उनके चारा-भूसा का इंतजाम करने की मांग की है।