फोटो- 05 जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में बना स्टेमी रूम। संवाद
बांदा। शासन से हृदय रोगियों के लिए 30 टेनेक्टेप्लेस (हृदय रोगियों के लिए जीवन रक्षक) इंजेक्शन मिले हैं। इनमें पांच जिला अस्पताल व तीन-तीन सीएचसी में भेजे जा रहे हैं। इस एक इंजेक्शन की कीमत 40 हजार रुपये है। जिले में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ के न होने पर यह व्यवस्था मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों के हवाले रहेगी। इसके लिए पिछले दिनों कानपुर के कार्डियोलॉजी में जिले के डॉक्टरों को प्रशिक्षित भी किया गया है। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में दो-दो बेड का स्टेमी रूम तैयार किया गया है। जिले की सीएचसी में हृदय रोगियों को भर्ती किए जाने की व्यवस्था की गई है।
जिले के स्वास्थ्य विभाग की ओर से शासन से 50 टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन की मांग की गई थी। इस मांग के सापेक्ष जिले को 30 इंजेक्शन ही मिल पाए हैं। पहले चरण में इनमें पांच इंजेक्शन जिला अस्पताल में व तीन-तीन इंजेक्शन सीएचसी में भेजे गए हैं। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में दो बेड का स्टेमी रूम व सीएचसी में ईसीजी की व्यवस्था की गई है। इन रूमों में ईसीजी, फ्रिज व मॉनिटर की व्यवस्था रहेगी। जिले में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ के न होने पर बीते 26 नवंबर को एलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी, कानपुर नगर में एक दिवसीय ट्रेनिंग दी गई थी।
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हृदय रोगियों के लिए यह रहेगी व्यवस्था
हृदय रोगी अब घबराएं नहीं। बाएं तरफ सीने में दर्द, पसीना और घबराहट, बेचैनी हो तो उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लाए। यहां ट्रॉमा सेंटर में तैनात वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान व फार्मासिस्ट गंगा प्रजापति मरीज की देखरेख करेंगे। यह दोनों 26 सितंबर को कानपुर कार्डियोलॉजी में हृदय रोग विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किए गए हैं। इनके अलावा रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में हृदय रोगियों के लिए मेडिसिन विभाग के डॉक्टर आकिब फारूकी को प्रशिक्षित किया गया है। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में बनाए गए स्टेमी रूम में मरीज को ईसीजी, फ्रिज, मॉनिटर की सुविधा मिलेगी। मरीज का विवरण व फोटो डॉक्टर एलपीएस हृदय सेतु पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके बाद कार्डियोलॉजी कानपुर के निर्देश पर लोडिंग डोज व निर्देश पर इंजेक्शन लगाया जाएगा। इसके बाद सीधे कार्डियोलॉजी के लिए रेफर किया जाएगा। इसके लिए मरीज को शासन से दो एंबुलेंस भी मिलेंगी।
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वर्जन
शासन से जिले के हृदय रोगियों के लिए 30 इंजेक्शन मिल गए हैं। इनमें से पांच जिला अस्पताल व तीन-तीन इंजेक्शन सीएचसी में भेजे गए हैं। जिले के हृदय रोगियों को ट्रेनिंग करके आए डॉक्टर व्यवस्था को देखेंगे। इसके लिए जिलास्तर पर पूरी तैयारी की गई है।
डॉ. विजेंद्र सिंह
सीएमओ/नोडल अधिकारी, बांदा