बांदा। ‘सिर्फ रगों में दौड़ने के हम नहीं कायल, किसी के काम न आए वो लहू क्या है’। किसी शायर के इस कलाम को कुछ युवाओं ने अपने जीवन में रचा-बसा लिया है। किसी की जान बचाने के लिए अपने खून के महादानी बन गए हैं। शहर के युवक कमल आहूजा इसकी बानगी हैं। यह 30 बरस की उम्र में 30 बार रक्तदान करने का रिकार्ड बना चुके हैं। इनके अलावा कई और महादानी हैं जिन्होंने कई-कई बार रक्तदान करके अनजान लोगों को जीवन दिया है। इनमें ज्यादातर सेवर्स आफ लाइफ (ब्लड डोनर ग्रुप) से जुड़े हैं। सोमवार 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस पर इनमें से कई रक्त वीर फिर रक्तदान करेंगे।
बेकरी व्यवसायी कमल आहूजा की उम्र मात्र 30 साल है। यह 30 बार रक्तदान कर चुके हैं। पहली बार वर्ष 2012 में अपने एक रिश्तेदार को रक्तदान दिया। कमल कहते हैं कि इसके बाद उन्हें रक्तदान का एक जुनून सवार हो गया। लगातार हर वर्ष एक या दो बार रक्तदान करते चले आ रहे हैं। पूरी तरह स्वस्थ और चंगे हैं। कमल सेवर्स आफ लाइफ के उपाध्यक्ष हैं।
सेवर्स आफ लाइफ संगठन के अध्यक्ष सलमान खां अपनी 27 वर्ष की उम्र में अब तक 18 बार रक्तदान कर चुके हैं। पेशे से व्यवसायी सलमान और उनकी टीम रोजाना जरूरतमंदों को रक्तदान कर रही है।
लैब टेक्नीशियन आसिम खां 30 वर्ष की उम्र में अब तक 14 बार अपना रक्त दूसरों की रगों में दौड़ाकर उसकी जान बचा चुके हैं।
पेशे से अध्यापक अभय सिंह 28 वर्ष की आयु में 14 बार रक्तदान कर चुके हैं।
एलआईसी एजेंट आदित्य मिश्रा 28 वर्ष के हैं। अब तक 13 बार रक्तदान किया है।
जिम संचालक शफकत खां 32 वर्ष की उम्र में 13 बार रक्तदान किए हैं।
कार मैकेनिक अकील अहमद 26 वर्ष की उम्र में 11 बार रक्तदान के महादानी बने हैं।
अध्यापक शाश्वत 29 वर्ष की आयु में अब तक 9 बार रक्तदान कर चुके हैं।
फ्रूट एजेंट अजहर अहमद 9 बार रक्तदान के महादानी हो चुके हैं। उम्र 28 वर्ष है।
छात्र जीवन के साथ आदर्श मिश्रा रक्तदाताओं के लिए भी आदर्श बने हुए हैं। 28 वर्ष की उम्र में अब तक 8 बार रक्तदान किया है।
अध्यापक जगपत सिंह 32 वर्ष के हैं। अब तक 8 बार महादानी बन चुके हैं।
आज करेंगे रक्तदान, बचाएंगे किसी की जान
विश्व रक्तदान दिवस पर सोमवार 14 जून को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक और राजकीय मेडिकल कालेज में विशेष स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगेेंगे। इन शिविरों में रक्तदान करने वाले महादानियों को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। मनोबल बढ़ाने को उनकी फोटो सहित खबर प्रमुखता से प्रकाशित की जाएगी। शिविर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक और नरैनी रोड स्थित राजकीय मेडिकल कालेज में सुबह 9 बजे से आयोजित होगा। सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने बताया कि ब्लड बैंक में रक्तदान की सारी व्यवस्थाएं रहेंगी। उधर, चिराग फाउंडेशन की अध्यक्ष वरिष्ठ चिकित्सक डा. शबाना रफीक (एमडी) ने बताया कि रक्तदाताओं को रफीक नर्सिंग होम की ओर से आयरन टानिक और नाश्ता भेंट किया जाएगा। ब्लड डोनर्स ग्रुप सेवर्स आफ लाइफ अध्यक्ष सलमान खां ने बताया कि दोनों शिविरों में उनकी टीम के कमल आहूजा, विनय गुप्ता, पवन कुशवाहा, अमित कुशवाहा, शफकत खां, हरिओम गुप्ता, हिमांशु गुप्ता, शशांक शेखर, राहुल गुप्ता, मोहित सैनी, अनुराग साहू, वैभव यादव, राहुल सिंह, नितिन मतानी, डा. शादाब आदि रक्तदान करेंगे। रक्तदान संबंधी जानकारी के लिए फोन नंबर 9506015151 पर काल की जा सकती है।
14 जून को क्यों मनाते हैं रक्तदान दिवस
अंतरराष्ट्रीय रक्तदान दिवस 14 जून को मनाने की पृष्ठभूमि यह है कि रक्त के ग्रुप की खोज करने वाले महान वैज्ञानिक फिजियोलाजिस्ट और इम्युनोलाजिस्ट कार्ल लैंड स्टीनर का जन्म 14 जून 1868 को हुआ था। वह आस्ट्रेलिया में जन्मे थे। वरिष्ठ महिला चिकित्सक डा. शबाना रफीक (एमडी) ने बताया कि रक्त को चार ग्रुपों की पहचान कराने वाले इस महान वैज्ञानिक की याद में उनके जन्मदिन पर विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है। शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वर्ष 2005 में की थी।