बांदा। रमजान माह की सबसे महत्वपूर्ण रात 27वीं शब पर बीती रात मुस्लिम घरानों और मस्जिदों में इबादतों का जमकर दौर चला, जो तड़के तक जारी रहा। रमजान के आखिरी अशरे (10 दिन) में होने वाली पांच रातों को शबेकद्र के रूप में माना जाता है।
रविवार को शाम 26वां रोजा खत्म होते ही 27वीं शब शुरू हो गई। पांच रातों में यह सबसे ज्यादा अहम मानी गई है। कोरोना कर्फ्यू और गाइडलाइन के चलते मस्जिदों में एक साथ इकट्ठा होकर इबादतें नहीं हो सकीं। रातभर सड़कों पर भी चहल-पहल नजर नहीं आई। ज्यादातर रोजदारों ने पूरी रात घरों में ही इबादत की। इनमें महिलाएं, युवा और बच्चे भी शामिल रहे।
मस्जिदों में गाइडलाइन के मुताबिक पांच से ज्यादा लोग नहीं जुटे। नमाज, कुरान की तिलावत, तस्बीहात और दीनी जिक्र पूरी रात चला। दुआओं में रोजेदारों ने अपनी अन्य दुआओं के अलावा कोरोना वबा (महामारी) से निजात और मुल्क की सलामती, तरक्की और आपसी भाईचारगी की भी दुआएं कीं।
दो दिन बाद ईद, नहीं हो पा रही खरीद
बांदा। ईद को अब दो दिन और हैं। मुस्लिम घरानों में ईद की तैयारियां दिन-रात चल रहीं हैं। हालांकि, कोरोना कर्फ्यू और गाइडलाइन की बंदिशों के चलते ईद की तैयारियों और खासकर खरीदारी का हुजूम बाजार और सड़कों पर नजर नहीं आ रहा है। अलबत्ता सुबह कु छ घंटों के लिए दुकानें खुलने की मिली छूट के दौरान बड़ी तादाद में नकाबपोश औरतों के जत्थे तेज धूप की परवाह किए बगैर बाजार के कुछ क्षेत्रों में नजर आ रहे हैं। इन पर्दानशीं औरतों और उनके साथ मौजूद बच्चों व लड़कियों की खास खरीदारी श्रंगार सामाग्री और रेडीमेड कपड़ों, सूट आदि पर है। (संवाद)