नहर में आया पानी। स्रोत: सिंचाई विभाग
करतल (बांदा)। मध्य प्रदेश की घाटियों में 20 से 84 मिमी तक हुई बारिश के बाद बरियारपुर बांध से मुख्य नहर का संचालन शुरू कर दिया गया है। फिलहाल मुख्य नहर में 270 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे खरीफ सीजन में सिंचाई के लिए पानी का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि वर्षा की कमी के कारण इस बार मुख्य नहर का संचालन रोस्टर से तीन दिन बाद शुरू हुआ। हालांकि मध्य प्रदेश के कैचमेंट क्षेत्र में सामान्य से कम बारिश हुई है, लेकिन किसानों की जरूरत को देखते हुए गंगऊ और रनगवां जलाशयों से पानी उपलब्ध कराकर बरियारपुर बांध में संग्रहित किया गया।
इसके बाद मुख्य नहर में 270 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि पानी की उपलब्धता के अनुसार नहर में डिस्चार्ज धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा और इसे 1,510 क्यूसेक तक पहुंचाने की योजना है, ताकि नहर तंत्र से जुड़े सभी क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके। अधिशासी अभियंता ने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी अब तक अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है।
मौसम की स्थिति आगे कैसी रहेगी, यह कहना अभी संभव नहीं है, लेकिन किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कमी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए समय रहते मुख्य नहर का संचालन शुरू कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि धान और अन्य खरीफ फसलों की बोआई के समय नहर में पानी आने से सिंचाई की समस्या काफी हद तक दूर होगी और फसलों को समय पर पानी मिल सकेगा।