बांदा। राजकीय मेडिकल कालेज में तीन दिन से हड़ताल और धरना दे रहे आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवाएं सेवादाता कंपनी ने तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। इस आशय का नोटिस कंपनी अवनी परिधि के निदेशक ने शुक्रवार को जारी किया है। इसमें 26 आउटसोर्सिंग कर्मी शामिल हैं।
कम वेतन देने और दिए वेतन में रिकवरी करने तथा चार माह से वेतन न मिलने आदि मुद्दों पर कई माह से मेडिकल कालेज के लगभग सवा सौ आउटसोर्सिंग कर्मी आंदोलन कर रही हैं। 1 अप्रैल से ये फिर हड़ताल पर चले गए। इस बार वेतन संबंधी उक्त तीनों विसंगतियों के अलावा उनकी मांगों में यह भी शामिल है कि मेडिकल कालेज प्रशासन ने कोरोना आइसोलेशन वार्ड में सिर्फ उन्हीं की ड्यूटी लगाई है। स्थायी कर्मियों को नहीं लगाया है, जबकि यह संवेदनशील वार्ड है। कोरोना महामारी को लेकर चल रही सतर्कता और लॉकडाउन के दौरान हड़ताल पर मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने सेवादाता कंपनी को आउटसोर्सिंग कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए लिखा था।
शुक्रवार को कंपनी निदेशक द्वारा जारी आदेश में प्रधानाचार्य के पत्र का हवाला देकर कहा गया है कि कोरोना जैसे गंभीर हालात में आउट सोर्सिंग कर्मी मनमानी ढंग से हड़ताल कर रहे हैं, जबकि प्रदेश में एस्मा भी लागू है। यह गैर जिम्मेदाराना और अनैतिक है। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कंपनी निदेशक ने प्रधानाचार्य की संस्तुति और अनुबंध का हवाला देकर 26 आउट सोर्सिंग कर्मियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। उधर, मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य का दावा है कि आउटसोर्सिंग कर्मियों के ड्यूटी न करने से भी कोरोना आइसोलेशन वार्ड और मेडिकल कालेजअ की अन्य सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है। स्थायी कर्मियों से काम लिया जा रहा है।
इन आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवा हुई समाप्त
रमा अवस्थी, अर्चना द्विवेदी, मुकेश कुमार द्विवेदी, गौरव द्विवेदी, रत्नम, सुनीता वर्मा, कंचन राजपूत, प्रीति द्विवेदी, गीता, सुषमा साहू, शहला खातून, वर्षा, रश्मी खान, रश्मी अवस्थी, प्रमोदिनी कुमारी, हिना खान, अभिलाषा, हिना खान, मनोरमा, रामबिहारी, रमेश, शशि, किरन, कमला, कुसुमालता और अंजुमलता।