बांदा। बेहतर शिक्षा के लिए नामचीन प्राइवेट स्कूलों में इस वर्ष भी गरीबों के बच्चों को दाखिला मिलेगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जनपद के 21 विद्यालयों में दुर्बल व अलाभित समूह के ढाई सैकड़ा बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा। बच्चों का चयन 10 अगस्त को लाटरी से होगा।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हरिश्चंद्र नाथ ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों का प्रवेश तीन चरणों में कराया जाना है। जून में प्रथम चरण में ऑनलाइन व ऑफलाइन 184 आवेदन प्राप्त हुए थे। सात आवेदन निरस्त हो गए। 177 बच्चों को दाखिला मिल चुका है। जुलाई में दूसरे चरण में 95 आवेदनों में 75 बच्चों के दाखिले कराए गए। अब तीसरे चरण के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। लाटरी से चयनित बच्चों के प्रवेश कराए जाएंगे। बीएसए ने बताया कि योजना के तहत बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाती है। फीस सीधे स्कूल भेजी जाती है। पाठ्य पुस्तकें, यूनिफार्म आदि के लिए भी पांच हजार रुपये सालाना छात्र के खाते में भेजे जाते हैं।
चयनित निजी विद्यालयों में बांदा शहर में सेंट मेरीज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेंट जॉर्ज पब्लिक स्कूल, विद्यावती निगम मेमोरियल पब्लिक स्कूल, संत तुलसी पब्लिक स्कूल, डीआर पब्लिक स्कूल, सेंट जेवियर्स, श्याम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भागवत मेमोरियल एकेडमी आदि शामिल हैं।
माह के पहले बुधवार को होगी प्रबंध समिति की बैठक
बांदा। परिषदीय स्कूलों में माह के प्रथम बुधवार को विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक होगी। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालय के विकास पर चर्चा होगी। इसमें जिला स्तरीय अधिकारी, लेखपाल, एएनएम व ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने शासन के आदेशों का हवाला देते हुए खंड शिक्षाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि बैठकों में पाठ्य पुस्तकें, यूनिफार्म, हाउस होल्ड सर्वे में चयनित आउट ऑफ स्कूल बच्चों के नामांकन, मिड-डे मील सहित ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालय में पानी, बिजली, कक्ष व बाउंड्री निर्माण, शौचालय, रसोईघर, किचेन गार्डन, ब्लैक बोर्ड और सफाई व्यवस्था आदि की समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक विद्यालय की प्रबंध समिति बैठक में जिला व तहसील स्तरीय एक अधिकारी समेत लेखपाल, एएनएम व ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, प्रबंध समिति के पदाधिकारी, सदस्य व प्रधानाध्यापक और ग्रामीण हिस्सा लेंगे।