बांदा। चार वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश हेमंत कुमार कुशवाहा की अदालत में बुधवार को 25 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो वर्ष से अधिक की सजा काटनी होगी। जुर्माने की समस्त धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में अदा की जाएगी। दोषी घटना के समय से ही मंडल कारागार में बंद है।
विशेष लोक अभियोजक शिवपूजन सिंह पटेल ने बताया कि जसपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 16 मई 2021 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके परिवार के सभी लोग साले की शादी समारोह में चले गए थे। प्रात: उसकी चार वर्षीय मासूम को गांव का उमेश निषाद पुत्र रामरूप द्वारा अगवा कर झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की। पिता ने उसकी खोजबीन की तो उसकी पुत्री खेत हार की ओर झाड़ियों के पास खून से लथपथ बेहोशी हालत में मिली।
किसी तरह उसको होश में लाने पर उसने आपबीती बताई। उसने बताया कि गांव का ही उमेश निषाद ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले का आरोप पूर्व न्यायाधीश अनिल सक्सेना की अदालत में 19 जनवरी 2023 को आरोप बनाया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह हैं पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने 35 प्रश्न के फैसले में उमेश निषाद को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। दोषी का सजायावी वारंट बनाकर पुन: जेल भेज दिया गया।