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Banda News: आंधी में फेल हुई 220 केवी उप केंद्र बिजली आपूर्ति

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पल्हरी रोड नहर के पास टूटा एचटी लाइन का तार। - फोटो : संवाद
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बांदा। जिले में 60 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने के बावजूद बिजली व्यवस्था गर्मी में पूरी तरह पंगु है। जरा सी तेज हवा चली या बूंदाबादी हुई तो लोगों को घंटों बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। रविवार को पूरे दिन धूप-छांव के बीच उमस ने लोगों का पसीना बहाया। वहीं शाम चार बजे तेज आंधी से बिजली व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई। 220 केवी उप केंद्र से मुख्य लाइन में फाल्ट से पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। तीन घंटे तक टीमें दौड़ीं, पर फाल्ट नहीं तलाश सकीं।
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विभाग शहर व गांवों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने में विशेष योजना व रिवैंप योजना से करीब 60 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। इसमें ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई। पोल बदले गए और केबल भी बदल दिए गए। इसके बावजूद यहां की बिजली व्यवस्था जरा सी हवा नहीं झेल पा रही है। शनिवार की रात जहां गूलरनाका, अलीगंज और छोटी बाजार में चार ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर जल गए, वहीं कुछ के जंपर उड़ गए। रात में करीब 50 हजार की आबादी बिजली के बिना परेशान रही।
रविवार को सुबह से बिजली की आवाजाही लगी रही। सुबह छह बजे पीलीकोठी से जुड़े फीडरों से बिजली गुल हो गई तो लोग पानी भी नहीं भर पाए। पानी जब चला गया तो तब बिजली आई। इसके बाद पूरे दिन आवाजाही लगी रही। शाम को पांच बजे आंधी चली तो तिंदवारी रोड स्थित 220 केवी सब स्टेशन में फाल्ट हो गया। सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीमें दौड़ीं, पर तीन घंटे तक सीढि़यां लिए टीमें घूमती रहीं, पर निराशा हाथ लगी। अंत में पल्हरी रोड के पास 11 हजार केवी लाइन का तार टूटा मिला। यहां पर पेड़ की डाल टूटकर लाइन पर गिरी थी। टीम ने इसे शाम आठ बजे तक दुरुस्त किया। तब तक तीन घंटे लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे। उधर, शाम साढ़े सात बजे पीलीकोठी के पास 11 हजार केवी लाइन में आग लगने से बिजली आपूर्ति फिर रोकी गई। दो घंटे बाद इसे दुरुस्त किया गया।
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वर्जन
-ज्यादा गर्मी और आंधी के कारण कुछ जगह फाल्ट आए थे। टीमों को मौके पर भेजकर दुरुस्त कराया गया है। लोग अनावश्यक उपकरण चलाकर बिजली का लोड न बढ़ाएं। जरूरत के हिसाब से ही बिजली खर्च करें। -राजीव रंजन, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, (नगरीय) बांदा
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