बांदा। कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक को हटाने की मांग पर अड़े अधिवक्ताओं की हड़ताल दूसरे दिन भी रही। न्यायिक कार्यों से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन की आंच बुंदेलखंड तक पहुंचेगी।
पिछले माह कोतवाली निरीक्षक द्वारा अधिवक्ता प्रशांत सिंह से कथित अभद्रता मामले में जिला अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कोतवाल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई दिनों तक हड़ताल की। जनपद न्यायाधीश के आश्वासन पर 19 जनवरी से अधिवक्ताओं ने काम शुरू किया। इसके बावजूद डीआईजी और पुलिस अधीक्षक द्वारा कार्रवाई न किए जाने से भड़के अधिवक्ताओं ने पहली फरवरी से फिर आंदोलन पर चले गए।
शनिवार को हड़ताल का दूसरा दिन था। संघ अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू ने कहा कि पुलिस अफसरों के रवैये से अधिवक्ताओं में रोष बढ़ रहा है। 4 फरवरी को स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में वह खुद आमरण अनशन करेंगे। हड़ताल 6 फरवरी तक जारी रहेगी। यह भी बताया कि संघ चुनाव का मतदान 6 फरवरी को है। इसके बाद आंदोलन पर निर्णय नवनिर्वाचित अध्यक्ष लेंगे।
उधर, जिला अधिवक्ता संघ के समर्थन में अतर्रा के अधिवक्ता भी शनिवार को दूसरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि जिला अधिवक्ता संघ की लड़ाई में संघ कदम मिलाकर चलेगा। महासचिव मनोज द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष अमर सिंह राठौर, एल्डर्स कमेटी अध्यक्ष शिवशंकर मिश्रा, चंद्रभान त्रिपाठी, भागीरथ पांडेय, भोला द्विवेदी, रामनरेश गर्ग, श्यामबाबू, मनोज श्रीवास्तव, सूरज वाजपेयी, ब्रदर शुक्ला, राजेश द्विवेदी, संतोष गुप्ता, मनीष गर्ग, संतोष गुप्ता, जितेंद्र तिवारी, राजेंद्र यादव, शिवनंदन, रमेश, राजकुमार, राजेंद्र यादव, अजय शर्मा, अवनीश तिवारी, निनय मिश्रा, अनपत सैनी, सुशील गुपता, चंद्रपाल यादव, दिनेश बाजपेयी आदि उपस्थित रहे।