अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में ऑनलाइन आई शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर विशेष सचिव ने नाराजगी जताई है। सबसे ज्यादा शिकायतें जिलाधिकारी, पंचायती राज और जिला पंचायत से संबंधित लंबित हैं। शासन ने इनका तत्काल निस्तारण कराने के लिए जिलाधिकारियों व संबंधित अफसरों को सचेत किया है।
विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन जितेंद्र बहादुर सिंह ने मंडलायुक्त को निर्देशित पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री को भेजी गईं 2370 शिकायतों में 1847 निस्तारित हुई हैं। 335 डिफाल्टर की श्रेणी में हैं। जबकि 186 अभी तक लंबित हैं। इसी तरह सीएम के कार्यालय को भेजी गईं आनलाइन 125 शिकायतों में 111 निस्तारित की गई हैं। 5 डिफाल्टर की श्रेणी में हैं और 9 शिकायतें लंबित हैं। भारत सरकार (पीजी पोर्टल) में भेजी गईं 2559 शिकायतों में 1987 का निस्तारण हुआ है। 383 डिफाल्ट शिकायतें हैं और 189 लंबित हैं।
आनलाइन संबंधित अधिकारियों को फरियादियों द्वारा दी गई 11232 में 8822 शिकायतें निस्तारित हुई हैं। 1421 डिफाल्टर श्रेणी में हैं। 989 शिकायतें लंबित हैं। ऐसे ही एंटी भूमाफिया से संबंधित 149 शिकायतों में 134 का निस्तारण हुआ है। चार डिफाल्टर श्रेणी में हैं। 11 शिकायतें अभी विभागीय दफ्तरों में लंबित हैं। उधर, संयुक्त विकास आयुक्त शिव कुमार मिश्रा ने जिलाधिकारियों, जिला पंचायत राज अधिकारियों व अपर मुख्य अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा है कि 20 नवंबर को समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर की गई है। इसमें तमाम मामले लंबित हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने अप्रसन्नता जाहिर की है। लंबित शिकायतों का युद्ध स्तर निस्तारण कराएं। मुख्यमंत्री जल्द ही आईजीआरएस के तहत लंबित शिकायतों की समीक्षा करेंगे। कई बार शासन स्तर पर निर्देश के बावजूद शिकायतों के निस्तारण की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री खफा हैं।
-विशेष सचिव ने बेहद धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
-सीएम से संबंधित शिकायतों का भी नहीं ले रहे संज्ञान
-डीपीआरओ व अपर मुख्य अधिकारी को किया सचेत