फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाज नहीं आया एमपी, यूपी की खोद डाली 20 मीटर जमीन

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। बरियारपुर बांध/वियर के डूब क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के स्वामित्व वाली जमीन पर जबरन नहर निकालने से मध्यप्रदेश सिंचाई विभाग बाज नहीं आ रहा। बिना एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) के यूपी की लगभग 20 मीटर जमीन पर 21 मई को नहर खोद डाली। यूपी सिंचाई विभाग लगातार इसका विरोध कर रहा है, लेकिन दबंगई पर उतारू मध्यप्रदेश नहर खुदाई करने से नहीं मान रहा।
विज्ञापन

स्थानीय अभियंताओं के हाथ खड़े करने पर बांदा के जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने 22 मई को पन्ना के जिलाधिकारी से फोन पर एतराज जताया। इस पर 24 मई (सोमवार) को अजयगढ़ एसडीएम ने दोनों सूबों के अभियंताओं के साथ बैठक करेंगे। मध्य प्रदेश के पन्ना जनपद में स्थित बरियारपुर बांध की देखरेख का जिम्मा उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के सिंचाई विभाग का है। इस क्षेत्र में 285 हेक्टेयर जमीन का स्वामित्व यूपी सिंचाई विभाग को प्राप्त है। मझगवां बांध तक 2.7 किलोमीटर लंबी नहर निकालने के लिए एमपी सिंचाई विभाग यूपी की लगभग 1050 मीटर जमीन पर कब्जा करना चाहता है। बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल किए एमपी सिंचाई विभाग ने यूपी की लगभग 20 मीटर जमीन पोकलैंड से खोद डाली। बांदा सिंचाई प्रखंड तृतीय एसडीओ कमल किशोर और जेई धीरेंद्र कुमार समेत सींचपाल, जिलेदार और अमीन ने मौके पर पहुंचकर जमीन में खुदाई का विरोध किया।
बताया जा रहा कि दोनों सूबों के अभियंताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। एमपी के अभियंताओं ने यहां के अभियंताओं संग बदसलूकी भी की। एमपी की दबंगई से परेशान सिंचाई प्रखंड तृतीय के अभियंता बैरंग लौट आए। इसके बाद बांदा डीएम और विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए नहर खुदाई कार्य रुकवा पाने में असमर्थता जता दी। अधिशासी अभियंता (सिंचाई प्रखंड तृतीय) मोतीलाल शर्मा ने बताया कि बांदा डीएम आनंद कुमार सिंह द्वारा एतराज जताने पर पन्ना डीएम ने दोनों पक्षों की चर्चा के लिए अजयगढ़ एसडीएम को नामित किया है। सोमवार (24 मई) को एसडीएम ने बांदा सिंचाई प्रखंड तृतीय और पन्ना यांत्रिक कार्य मंडल के अभियंताओं को बातचीत के लिए बुलाया है। तब तक के लिए काम रुकवा दिया गया।
विज्ञापन

एसडीओ ने खड़े किए हाथ, एक्सईएन को पत्र
सिंचाई प्रखंड तृतीय के एसडीओ ने अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को पत्र भेजकर नहर खुदाई रोक पाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। एसडीओ कमल किशोर ने कहा कि मध्यप्रदेश द्वारा उत्तर प्रदेश की जमीन में खोदी जा रही नहर का लगातार विरोध किया जा रहा है, लेकिन वह नहीं मान रहा। अब उनके स्तर से नहीं हो पाएगा। वरिष्ठ अधिकारी काम रुकवाने का प्रयास करें।
एनओसी के लिए कर रखा आवेदन
एक्सईएन मोतीलाल शर्मा का कहना है कि उन्होंने बांदा डीएम और एसई समेत अन्य बड़े अफसरों को एमपी द्वारा नहर खुदाई न रोके जाने के संबंध में अवगत करा दिया है। उच्चस्तरीय अधिकारियों द्वारा भी बातचीत जारी है। बताया गया कि एमपी सिंचाई विभाग ने अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर रखा है। फिलहाल जब तक एनओसी प्राप्त नहीं होती वह कार्य नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें