बांदा। जिले में बने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों की जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए डीएम ने जिले के 209 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें डीएम खुद और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं। अधिकारियों को 10 बिंदुओं पर जांच/सत्यापन पर अपनी रिपोर्ट डीएम को देनी है।
बुधवार को जारी आदेश में डीएम ने कहा है कि जांच के दौरान गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश की संख्या का रजिस्टर से सत्यापन, शेड की उपलब्धता, शीतलहर से बचाव और सुरक्षा के उपाय, स्वच्छ पेयजल, बाउंड्री, तार फेसिंग, भूसा गोदाम, भूसा व पराली के भंडार की स्थिति, गोवंशों की संख्या के मुताबिक चरही व पानी की नांद, टैगिंग, नर पशुओं का बधियाकरण और अभिलेखों का परीक्षण सत्यापित करेंगे।
डीएम ने कहा है कि स्थलीय निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारी इन बिंदुओं की सूचना मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के जरिए उन तक पहुंचाएंगे। नामित अधिकारियों में डीएम खुद भी शामिल हैं। वह बड़ोखर खुर्द की गोशाला देखेंगे। पुलिस अधीक्षक कान्हा गोशाला अतर्रा और सीडीओ कान्हा गोशाला तिंदवारी का निरीक्षण करेंगे। इनके अतिरिक्त सभी उप जिलाधिकारियों सहित कुल 209 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिन गोशालाओं की जांच की जानी है वहां 35,257 गोवंश संरक्षित बताए गए हैं।