अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। औषधि सुरक्षा प्रशासन ने जनपद में बिना फार्मासिस्ट के संचालित 13 मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी की है। संचालकों को मानक न पूरा करने पर कड़ी चेतावनी दी है। मंडल कारागार में संचालित अस्पताल में दवा संदिग्ध मिलने पर नमूने भरकर जांच को भेजे गए।
खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग के ड्रग इंसपेक्टर ने आयुक्त के निर्देश पर इस माह जनपद के करीब सैकड़ा भर मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। इस दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई। करीब 13 मेडिकल स्टोरों में फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं मिली। यहां अनुभवहीन व कम पढ़े लिखे लोग जीवन रक्षक दवाएं धड़ल्ले से बेंच रहे हैं।
इस पर शहर के मृत्युंजय मेडिकल स्टोर, स्वास्तिक मेडिकल स्टोर गायत्री नगर, मंगलयमय मेडिकल कॉलेज, बाबूलाल चौराहा, साईं फार्मा मेडिकल स्टोर आवास विकास, ललित मेडिकल स्टोर बलखंडीनाका, जेके मेडिकल स्टोर खाईंपार, अनमोल मेडिकल स्टोर कताई मिल तथा खप्टिहाकलां में रमेश मेडिकल स्टोर, शिवम मेडिकल स्टोर बघेलाबारी, आयुष मेडिकल स्टोर मटौंध, बालाजी मेडिकल स्टोर अतर्रा, नरैनी के हिंद व नारायण मेडिकल स्टोर संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी की है। औषधि प्रशासन ने मंडल कारागार का निरीक्षण किया। यहां दवाओं के तीन संदिग्ध नमूने लेकर जांच को राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया।
- जेल अस्पताल में मिली तीन संदिग्ध दवाएं