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मस्जिदों में एतिकाफ, बाजारों में खरीदारी

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बांदा। रमजान के आखिरी अशरे में मस्जिदों में एतिकाफ जारी है। सामूहिक इफ्तार कराने की भी होड़ है। उधर, ईद की खरीदारी तेज हो गई है। देर रात तक बाजारें गुलजार हैं। कड़ाके की धूप और गर्मी में भी पर्दानशीन नकाबपोश महिलाएं बाजारों में खरीद की मशक्कत कर रही हैं।
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आखिरी अशरे में पांच रातें इबादत के लिए महत्वपूर्ण मानी गई हैं। इनमें 21वीं, 23वीं और 25वीं रातें गुजर गई हैं। अब बृहस्पतिवार को 26वें रोजे की रात 27वीं शब को शब्रे कद्र होगी। रोजदार इस रात को ज्यादा ही महत्व देते हैं। रात भर इबादत करते हैं। उधर, सामूहिक इफ्तारों का सिलसिला भी बरकरार है।

नवाबी जामा मस्जिद में रोजाना बड़ी संख्या में रोजदार इफ्तार कर रहे हैं। शहर के हिंदू-मुस्लिम सौहार्द को बरकरार रखते हुए हिंदू धर्मावलंबी भी रोजदारों को इफ्तार करा रहे हैं। स्टेशन रोड में अनीस बैट्री वाले की दुकान परिसर में हिंदू भाइयों द्वारा रोजाना मुस्लिमों के साथ इफ्तार किया जा रहा है।
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मुल्लू काका इत्यादि इसके अगुवा हैं। प्रमुख मिष्ठान विक्रेता फर्म बोड़ेराम एंड संस के इंद्र प्रकाश इंदू ने भी रोजदारों को इफ्तार कराया। यहां के पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक मोहम्मद इब्राहीम ने यहां अपने हुसैनगंज (लोहिया पुल) में रोजदारों को सामूहिक इफ्तार कराया।

इसी तरह मर्दनाका टेलीफोन टावर के पास हाजी सुल्तान की मस्जिद में क्रेेशर व्यवसायी हाजी शब्बीर अली बबलू ने सामूहिक इफ्तार का आयोजन किया। बड़ी संख्या में रोजदार शरीक हुए। मर्दननाका स्थित न्यू मलका कान्वेंट स्कूल में संचालक हाजी कमरुद्दीन फारूकी ने भी मंगलवार को इफ्तार का आयोजन किया।
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-आखिरी अशरे में बढ़ीं रमजान की रौनकें
-इफ्तार पार्टियों का सिलसिला तेज
-कल होगी शबे कद्र की 27वीं तारीख
अमर उजाला ब्यूरो
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