बांदा। बालक के साथ कुकर्म करने व जान से मारने की धमकी देने के दोषी को विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं सजा सहित 22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसकी अदायगी न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।दोषी का जेल भेज दिया गया।
कमासिन थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पीड़ित के पिता ने थाने में 22 अगस्त 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई कि उसका 10 वर्षीय बेटा 10 अगस्त 2021 को सुबह 6:30 बजे टहलने निकला था। तभी पीयूष पुत्र दीपक ने गुटके का लालच देकर पुराने प्राइमरी पाठशाला में बने शौचालय में उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। तभी बालक ने चिल्लाया तो उसकी आवाज को सुनकर छत पर खेल रहे उसके दोस्तों ने स्कूल की छत से देखा कि दोषी पीयूष बालक के साथ कुकर्म कर रहा था।
तभी उन्होंने वीडियो बना लिया और छत से उतरकर अभियुक्त पीयूष के पास गए। तभी पीयूष वहां से भाग निकला। पीड़ित बालक डर की वजह से घटना को किसी से नहीं बताया। कुछ दिन बाद उसकी मां को जानकारी मिली तो पीड़ित की मां ने उनके दोस्तों को बुलाकर वीडियो को देख और अपने बच्चे से पूछा। इसके बाद उसने बताया कि दोषी पीयूष उसे जान से मारने की धमकी दे रहा था। पीयूष उसके साथ कई बार कुकर्म कर चुका था। जिस पर पिता ने रिपोर्ट दर्ज करायी।
तत्कालीन विवेचक निरीक्षक सुभाष चंद्र चौरसिया ने आरोप पत्र पेश किया।अदालत में पीयूष के विरुद्ध 6 मई 2020 को आरोप विरचित किया। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने अपने 28 पृष्ठीय फैसले में दोषी पीयूष को मंगलवार को सजा व जुर्माने से दंडित किया।