बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में राज्यपाल व कुलाधिपति रामनाईक छात्रों को उपाधि सौंपेंगे।
इस
दौरान 20 करोड़ की लागत से तैयार प्रशासनिक भवन का उद्घाटन भी करेंगे। यह
जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसएल गोस्वामी ने प्रेसवार्ता में दी।
कुलपति
ने बताया कि बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बुंदेलखंड के
किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
बांदा,
हमीरपुर, चित्रकूट, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर जनपदों में जलवायु के
अनुकूल कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन तकनीकों का विकास एवं विस्तार और कृषि
शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण उद्देश्य पूरे होंगे।
बताया कि दीक्षांत समारोह इसलिए भी है कि विश्वविद्यालय को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से एक्रीडिटेशन कराया जा सके।
समारोह में भारत सरकार के कृषि अनुसंधान शिक्षा सचिव तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एस अय्यपन भी शरीक होंगे।
कार्यक्रम
आयोजक प्रोफेसर एनके वाजपेयी ने बताया कि डॉ. अय्यपन के आने से कृषि के
विकास के लिए उचित शोध एवं अनुकूल तकनीकी प्रसार कार्यक्रम को बढ़ावा
मिलेगा।
विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति व वरिष्ठ
मृदा वैज्ञानिक डॉ. एमएस औलख होंगे। पत्रकार वार्ता में उपनिदेशक सूचना
एसएन त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय में शैक्षणिक कार्य
सितंबर 2011 में शुरू हुआ था। अभी दो संकायों कृषि एवं उद्यान के छात्रों
को चार वर्षीय पाठ्यक्रम चल रहा है। पहले बैच के छात्रों का अध्ययन जून
2015 में पूरा हो चुका है।
दीक्षांत समारोह में कृषि के 29 तथा
उद्यान संकाय के 21 छात्रों को उपाधि, मेडल व मेरिट प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
कृषि संकाय का स्वर्ण पदक छात्र सक्षम दुबे, रजत पदक अमित कुमार व कांस्य
पदक शिवम अग्रवाल को मिलेगा।
उद्यान संकाय का स्वर्ण पदक धर्मेंद्र शर्मा, रजत सरस सिंह और ओमकार को तथा कांस्य पदक प्रकाश तिवारी को दिया जाएगा।