विकास भवन स्थित 29 विभाग 20 लाख रुपये के बिजली बकाएदार हैं। 15 विभाग कई साsलों से बिजली का बिल नहीं दे रहे हैं। जिला विकास अधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को तत्काल बकाया अदा करने के आदेश दिए हैं।
सबसे अधिक 10 हजार रुपये प्रतिमाह ग्राम्य विकास अभिकरण और अन्य विभागों पर 2000 से 3000 रुपये प्रतिमाह बिजली बिल फिक्स है।
ग्राम्य विकास अभिकरण पर 4.80 लाख, अल्पसंख्यक विभाग पर 2.13 लाख, सहायक अभियंता लघु सिंचाई व सहकारिता विभाग कार्यालय पर 1.8-1.8 लाख, उप निदेशक मत्स्य पर 90 हजार, समाज कल्याण विभाग पर 66 हजार, जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर 61 हजार, साक्षरता प्रकोष्ठ पर 60 हजार, पिछड़ा वर्ग पर 48 हजार, आरईएस व उप निदेशक रेशम व जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय पर 36-36 हजार रुपये बिजली बिल बकाया है।
अन्य विभागों में परियोजना अधिकारी (वैकल्पिक ऊर्जा), उपायुक्त श्रम एवं रोजगार (मनरेगा) और उपायुक्त स्वत: रोजगार (राष्ट्रीय आजीविका मिशन), जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय पर 24-24 हजार रुपए बिजली बिल की देनदारी है।
जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, पंचस्थानिक चुनाव कार्यालय, उपायुक्त खाद्य एवं रसद, अपर जिला विकास अधिकारी (समाज कल्याण) विभाग ने 12-12 हजार रुपये का बिल जमा नहीं किया। उधर, विकास भवन को किराया व अनुरक्षण राशि भी विभागों ने लंबे समय से जमा नहीं किया।