अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। पंचायती राज उप निदेशक ने निरीक्षण में गैरहाजिर मिले मंडल के 65 सफाई कर्मियों का वेतन रोक दिया। कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन्हें सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई है।
मंडलायुक्त अजय कुमार शुक्ला ने गांवों को हर हाल में साफ रखने और लापरवाह सफाई कर्मियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं। उप निदेशक पंचायत दिनेश कुमार सिंह ने मंडल के चारों जिलों में 11 व 17 जुलाई को सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) से प्रत्येक ग्राम पंचायतों में औचक निरीक्षण कराया तो कर्मियों का नकारापन खुलकर सामने आया।
कहीं सफाई कर्मी अपने क्षेत्र से नदारद मिले तो कहीं गंदगी का अंबार मिला। उप निदेशक के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी केके सिंह चौहान ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए 65 सफाई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। बांदा जनपद में 36 कर्मियों का जुलाई माह का वेतन रोक दिया।
कमासिन ब्लाक के 5, तिंदवारी के 12, नरैनी के 4, महुआ व बिसंडा के 3-3, जसपुरा व बड़ोखर के 4-4 और बबेरू के एक सफाई कर्मी का वेतन रोकते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी की है। हमीरपुर जिले में 12 कर्मियों पर कार्रवाई हुई। इनमें 3 को निलंबित किया गया है।
एक कर्मी का सप्ताह भर का वेतन और 8 कर्मियों का एक दिन का वेतन रोका है। महोबा जिले में 6 सफाई कर्मियों का जून माह के वेतन पर रोक लाग दी है। वहीं चित्रकूट जिले में 11 लापरवाह सफाई कर्मियों का जुलाई माह का वेतन रोक दिया है। सभी सफाई कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दोबारा लापरवाही मिलने पर उनकी सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी है।
प्रधान व सचिवों के वेतन की होगी रिकवरी
बांदा (ब्यूरो)। उप निदेशक पंचायतीराज दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि गांवों में गंदगी मिली तो प्रधान व सचिव के वेतन का दुरुपयोग मानते हुए उनके रिकवरी कराई जाएगी। एडीओ ने निरीक्षण में सफाई कर्मियों पर मेहरबानी दिखाई तो वे भी नपेंगे।
सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) अब हर माह 40 ग्राम पंचायतों का निरीक्षण करेंगे। इसमें 20 दिन ग्राम पंचायतों का और 20 दिन सफाई कर्मियों का निरीक्षण शामिल है। हर माह जिला पंचायत राज अधिकारियों के साथ समीक्षा होगी। निरीक्षण में लापरवाही मिली तो एडीओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिलों से अनुपालन आख्या के आधार यदि प्रधान द्वारा पैरोल देने के बाद सफाई नहीं मिली तो वेतन का दुरुपयोग मानते हुए प्रधान व सचिव द्वारा उनके आहरित वेतन की रिकवरी की जोगी। यह भूराजस्व की तरह वसूली होगी। उन्होंने कहा कि गांवों में यदि जल भराव की वजह से संक्रामक बीमारी फैलने की शिकायत मिली तो सचिव और एडीओ को निलंबित किया जाएगा।
-सबसे ज्यादा 36 कर्मियों पर बांदा में कार्रवाई
-चारों जिलों में एडीओ से कराया औचक निरीक्षण
-उप निदेशक ने जारी की कारण बताओ नोटिस