बांदा। तीन और विशेष श्रमिक ट्रेनों ने शुक्रवार को बांदा रेलवे स्टेशन पर 1887 प्रवासी मजदूर पहुंचे। ये ट्रेनें सूरत, गोवा और गाजियाबाद से आईं। इनमें बुंदेलखंड के भी 1198 मजदूर शामिल थे। इनके अलावा उत्तर प्रदेश के 36 अन्य जिलों के भी श्रमिक ट्रेनों से यहां आए। सभी को बसों से उनके गृह जनपद/गांव पहुंचाया गया है। इन्हें मिलाकर अब तक यहां आने वाली विशेष श्रमिक ट्रेनों की संख्या 18 हो गई है, इनमें तकरीब 21 हजार श्रमिक आए हैं।
बृहस्पतिवार की रात 12 बजे 1653 प्रवासी मजदूरों को लेकर विशेष ट्रेन सूरत से यहां आई। दूसरी ट्रेन शनिवार को सुबह 9 बजे गाजियाबाद से और तीसरी दोपहर 12 बजे गोवा से आई। तीनों ट्रेनों में बांदा केे 750, चित्रकूट के 245, हमीरपुर के 166, महोबा के 16, जालौन के 20 व झांसी का एक श्रमिक आया।
इन सभी को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ उतारा गया और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद राज्य सड़क परिवहन निगम की 60 बसों से उनके घरों को रवाना किया गया। सीओ सिटी आलोक कुमार, एसडीएम सुरजीत सिंह, तहसीलदार अवधेश निगम, एआरएम परमानंद पिल्लई आदि मौजूद रहे। सात मई से शुरू हुआ विशेष श्रमिक ट्रेनों के आगमन का सिलसिला लगभग रोजाना जारी है। एक पखवाड़े में 18 ट्रेनें कई महानगरों से आ चुकी हैं। अभी प्रवासी मजदूरों को लाने वाली विशेष ट्रेनों का सिलसिला आगे भी चलेगा।
इन जिलों के भी श्रमिक आए---
कानपुर-30, फतेहपुर-209, कन्नौज-2, औरैया-सात, उन्नाव-35, इटावा-सात, फर्रूखाबाद-4, जौनपुर-41, बलिया-दो, बलरामपुर-22, बाराबंकी-10, कौशांबी-एक, मैनपुर-2, सुल्तानपुर-31, रायबरेली-35, फिरोजाबाद-आठ, फैजाबाद-40, इलाहाबाद-43, मिर्जापुर-12, भदोही-24, एटा-20, गोरखपुर-78, आजमगढ़-नौ, आगरा-पांच, प्रतापगढ़-सात, गोंडा-11, अलीगढ़-चार, कासगंज-एक, कुशीनगर-दो, गाजीपुर-दो, मऊ-तीन, लखनऊ-एक, बरेली-दो, चंदौली-10, बिहार-दो और मध्य प्रदेश के 13 श्रमिक शामिल है।
प्रवासी मजदूरों की हुई स्क्रीनिंग
बांदा। महानगरों से पैदल अथवा अन्य साधनों से घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को एक सैकड़ा प्रवासी मजदूरों ने जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इनमें अधिकांश मुंबई, सूरत, हरियाणा और नोएडा के थे। उधर, विशेष ट्रेन में सूरत से आए बड़ी संख्या में मजदूर रोडवेज बसों के बजाए गुपचुप ढंग से किराए का आटो कर खुद स्वास्थ्य परीक्षण कराने खुद जिला अस्पताल पहुंच गए।
इनकी संख्या लगभग 33 बताई गई है। इनमें कई महिलाएं और बच्चेे भी शामिल थे। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें होम क्वारंटीन में रहने की हिदायत देकर उनके-उनके घरों को रवाना कर दिया गया। स्क्रीनिंग के दौरान चार मजदूरों का टंप्रेचर बढ़ा मिला। उन्हें एंबुलेंस से नरैनी सीएचसी भेजने की तैयारी थी, लेकिन संदिग्ध मजदूर पर्चा लेकर गुपचुप ढंग से खिसक गए।
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लाइन लगाए सूरत से आए प्रवासी मजदूर।- फोटो : BANDA