बांदा। चित्रकूटधाम मंडल की 188 गोशालाओं में 20 हजार से ज्यादा अन्ना मवेशी कोहरा और ठंड से जूझ रहे हैं। इन गोशालाओं में टिनशेड नहीं है। न ही पशुओं को ठंड से बचाने की कोई व्यवस्था की गई है। यह खुलासा शासन के निर्देश पर नोडल अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण में हुआ।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मंडल के चारों जिलों में 458 अस्थायी गोशालाओं में 65,214 अन्ना मवेशी हैं। इनकी व्यवस्था का जिम्मा ग्राम पंचायतों को सौंपा गया है। प्रदेश के प्रमुख सचिव (पशुपालन) के निर्देश पर पिछले माह 9 नवंबर को नोडल अधिकारियों ने इन अस्थायी गोशालाओं का औचक निरीक्षण किया।
यह बात उजागर हुई कि मंडल की 188 गोशालाओं में टिनशेड नही हैं। इनमें करीब 20 हजार अन्ना मवेशी बंद हैं। कोहरे और ठंड में खुले आसमान तले ये ठिठुर कर बीमार पड़ रहे हैं। प्रमुख सचिव ने चित्रकूटधाम मंडल के अपर निदेशक (पशुपालन) को भेजे गए पत्र में कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि निर्देशों के बाद भी गोशालाओं में टिनशेड नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा अभी भी बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी छुट्टा घूम रहे हैं।
मंडल में बिना टीनशेड की गौशालाएं
जनपद कुल गोशाला टिनशेड नहीं
बांदा 144 86
महोबा 125 42
हमीरपुर 173 40
चित्रकूट 044 20
योग 456 188
अस्थायी पशु आश्रय केंद्रों में ग्राम पंचायत द्वारा 12वें व 14वें राज्य वित्त आयोग और मनरेगा से टिनशेड का निर्माण कराया जाना था। समस्त मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को आदेश दिए गए कि वे गोशालाओं में एक सप्ताह के अंदर टिनशेड लगवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।- डा. एके सिंह, अपर निदेशक, पशुपालन विभाग, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
बारिश से बेदम हो गए गोशालाओं के मवेशी
बांदा। बृहस्पतिवार की देर शाम शुरू हुई झमाझम बारिश से बिना टिनशेड वाली सौ से अधिक अस्थायी गोशालाओं मवेशी ठंड से ठिठुरते और इधर से उधर भागते रहे। अपर निदेशक पशुपालन ने कहा जिन गोशालाओं में टिनशेड नहीं हैं वहां की ग्राम पंचायतों को तत्काल व्यवस्था करनी चाहिए।
किसी मवेशी की मौत ठंड से होती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। समस्त पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह गोशालाओं में पहुंचकर पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। बीमार पशुओं का उपचार करें। अपर निदेशक ने कहा कि बृहस्पतिवार से सभी पशु चिकित्साधिकारी व पशु सेवा केंद्रों के अधिकारी व कर्मचारी रात के समय भी अपने केंद्रों में रहेंगे। ऐसा न करने पर उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।