बांदा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जनपद में इस साल 300 महिलाएं मुर्गी पालन व्यवसाय से जुड़ेंगी। सूबे के पांच जनपदों के पांच ब्लाकों में यह योजना पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई थी। सफलता के बाद अब इसे अधिकांश विकास खंडों में लागू करने की तैयारी है। एनआरएलएम चयनित महिलाओं को मदर यूनिट से चूजे उपलब्ध कराएगा। एक हजार रुपये की लागत का पिंजरा मुफ्त दिया जाएगा। प्रति महिला 150 चूजों का पालन करेंगी।
शासन ने महिलाओं को मुर्गी पालन व्यवसाय से जोड़ने की कवायद शुरू की है। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत यहां पिछले साल नरैनी ब्लाक में मुर्गी पालन योजना शुरू की गई थी। 300 महिलाएं इस व्यवसाय से जुड़ी हैं। अब इसी तर्ज पर बड़ोखर खुर्द ब्लाक में चालू वित्तीय वर्ष में आजीविका मिशन के तहत गठित समूहों को इस योजना से जोड़ा जा रहा है। जिला संदर्भ व्यक्ति (डीआरपी) केके मिश्रा ने बताया कि बड़ोखर खुर्द ब्लाक में 565 महिला समूह हैं। क्लस्टर के रूप में आसपास के गांवों की महिलाओं को इसमें चयनित किया जाना है। बताया कि बिहार माडल की तर्ज पर यहां भी महिलाएं मुर्गी पालन कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। एक यूनिट में करीब 2500 रुपये का खर्च आएगा। इसमें 1500 रुपये महिलाओं को अंशदान देना होगा। जबकि 1000 रुपये में विभाग पिंजरा उपलब्ध कराएगा। चूजों को पहले 28 दिन मदर यूनिट में रखा जाएगा। पहले चरण में महिलाओं को 25-25 चूजे दिए जाएंगे। डेढ़ साल में कुल 150-150 चूजे दिए जाने हैं। इस योजना में पशु पालन विभाग का विशेष सहयोग रहेगा। जिला समन्वयक (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) राकेश कुमार सोनकर ने बताया कि रूरल बैकयार्ड पोल्ट्री परियोजना महिला समूहों में नरैनी ब्लाक में बेहतर तरीके से चल रही है। इसी को देखते हुए बड़ोखर ब्लाक का चयन किया गया है। चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नोडल बनाए गए डीआरपी को माह भर में प्रक्रिया पूरी कराने को गया है।
इनसेट-
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‘पशु सखी’ करेंगी मुर्गी पालन में सहयोग
बांदा। मुर्गी पालन में सहयोग व मानीटरिंग के लिए प्रत्येक गांव में एक पशु सखी की नियुक्ति की जाएगी। ग्राम महिला संगठन बैठक में समूह की शिक्षित महिला को यह दायित्व सौंपेंगी। उसे संगठन के अनुमोदन पर ही मानदेय दिया जाना है। पशु सखी मुर्गियों का दाना, बीमारी व बिक्री आदि पर महिला समूहों का सहयोग करेंगी। रूरल बैकयार्ड पोल्ट्री परियोजना की प्रगति रिपोर्ट से भी अधिकारियों को अवगत कराएंगी।
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धान खरीद में घोटाले के बाद शासन चौकन्ना
मुख्य सचिव खुद रखेंगे गेहूं खरीद पर निगाह
हर माह दो बार वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी समीक्षा
अपर मुख्य सचिव ने आयुक्त और डीएम को दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। धान खरीद में हुई बड़े स्तर पर धांधली के बाद प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद में चौकसी बढ़ा दी है। प्रदेश के मुख्य सचिव खुद खरीद पर निगाह रखेंगे। वह भुगतान की स्थिति, संचालित केंद्रों की संख्या व गेहूं भंडारण की स्थिति की लगातार समीक्षा करेंगे। हर माह दूसरे व चौथे सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से खरीद की समीक्षा करेंगे। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ने इस बाबत मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
पिछले खरीफ सीजन में धान खरीद में कई जिलों में अधिकारियों व केंद्र प्रभारियों ने लाखों का घोटाला किया है। उस पर जांच व कार्रवाई चल रही है। बांदा में 14 लोगों के खिलाफ अतर्रा थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। गेहूं खरीद में ऐसी नौबत न आने देने के लिए शासन ने सतर्कता शुरू कर दी है। अपर मुख्य सचिव संजीव सरन ने कहा है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हर माह दूसरे व चौथे सोमवार को शाम 5 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग होगी। इसके लिए मुख्य सचिव ने एजेंडा भी तय किया है। माह में दो बार जनपद में लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं खरीद, किसानों को किए गए भुगतान, स्वीकृत केंद्रों के सापेक्ष सक्रिय केंद्र और खरीदे गए गेहूं के भंडारण की समीक्षा की जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि पूरी तैयारी के साथ निर्धारित तिथियों में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिलाधिकारी व मंडलायुक्त खुद प्रतिभाग करें। मंडलायुक्त रामविशाल मिश्रा ने इस बाबत मंडल के सभी जिलाधिकारी व अपर जिलाधिकारी, सीडीओ, जिला विपणन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
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‘बुंदेलखंड इन्वेस्टर्स समिट’ झांसी में 9 को
बांदा। बुंदेलखंड के आर्थिक व औद्योगिक विकास के लिए बांदा की संस्था ‘टीम इनोवेशन’ और झांसी की ‘बुंदेलखंड चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज’ के संयुक्त तत्वावधान में 9 जून को ‘बुंदेलखंड इन्वेस्टर्स समिट’ का आयोजन झांसी में होगा।
संस्था निदेशक श्यामजी निगम ने बताया कि झांसी के पैरा मेडिकल कॉलेज आडीटोरियम में सुबह 10 बजे से समिट की शुरुआत होगी। केंद्रीय मंत्री उमा भारती सहित औद्योगिक विकास मंत्री सतीश माहाना व झांसी के प्रभारी मंत्री राजेंद्र सिंह, अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय इत्यादि शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में बुंदेलखंड के करीब 500 व्यापारी व उद्योगपति प्रतिभाग करेंगे। समिट में कृषि, डिफेंस कारीडोर, फूड प्रोसेसिंग, टूरिज्म, माइनिंग, सोलर पावर, वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट और एमएसएमई पर मुख्य फोकस किया जाएगा। निदेशक सचिन चतुर्वेदी ने बताया कि शासन की नई औद्योगिक नीति को प्रोत्साहन मिलेगा। इस क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए इच्छुक उद्यमियों को किस तरह लाभ मिलेगा? इस पर एक शिखर चर्चा होगी। ब्यूरो
मुर्गी पालन करेंगी 300 महिलाएं
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का होगा चयन
पहले चरण में प्रत्येक महिला को मिलेंगे 150 चूजे
पांच जनपदों में योजना के बाद अब हुआ विस्तार
अमर उजाला ब्यूरो