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मीठी सुपारी से कैंसर का खतरा

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मीठबांदा। बच्चे जिसे मीठा मसाला समझकर चटखारों के साथ खा रहे हैं, वह जहरीला और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। बाजार में खुलेआम इसके पैकेट मीठी सुपारी के नाम पर बिक रहे हैं, लेकिन इसके खाने से किडनी और लीवर खराब होने के साथ ही कैंसर जैसी बीमारी हो सकती है।
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इन दिनों मीठी सुपारी खुलेआम जमकर बिक रही है। खासकर बच्चे और महिलाएं इसके शौकीन हैं, लेकिन इसके नमूने की हाल ही में लैब से आई जांच रिपोर्ट चौंकाने वाली है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने सितंबर 2018 को बाजार में अलग-अलग नामों से खुलेआम बिकने वाली मीठी सुपारी के नमूने लेकर इन्हें जांच के लिए गोरखपुर लैब भेजा था। हाल ही में जांच रिपोर्ट आ गई है।

इसमें बताया गया है कि बेची जा रही मीठी सुपारी में सकरीन, कपड़े वाला रंग और तंबाकू की मिलावट है। ये तीनों ही स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य एवं सुरक्षा औषधि प्रशासन ने प्रदेश के खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त को पत्र भेजकर मीठी सुपारी बेचने वालों के विरुद्ध गंभीर प्रकृति का वाद दायर करने की अनुमति मांगी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी अजीत कुमार का कहना है कि यह मिलावट गंभीर अपराध की प्रकृति में शामिल है। अपराध सिद्ध होने पर 14 साल तक की कैद व जुर्माना हो सकता है।
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इनके विरुद्ध मांगी अनुमति
बांदा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिन मीठी सुपारी विक्रेताओं के विरुद्ध केस दर्ज कराने की अनुमति मांगी है उनमें राजेंद्र पुत्र जागेश्वर प्रसाद निवासी सुंदर कुंआ (बबेरू), अनिल कुमार पुत्र रामनाथ निवासी बघेलाबारी (फतेहगंज), संतोष कुमार गुप्ता, लखन कालोनी (अतर्रा) शामिल हैं। इनके विरुद्ध फास्ट टै्रक कोर्ट में मुकदमा चलेगा।

डाक्टरों की राय
बांदा। राजकीय मेडिकल कालेज के ईएनटी सर्जन व कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र सिंह का कहना है कि तंबाकू व कपड़ों वाले रंग के खाने से कैंसर होने की ज्यादा संभावना है। इसके अलावा किडनी फेल हो सकती हैं। शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंच सकता है। अपंगता का भी खतरा रहता है।
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