अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। सरकारी कर्मचारियों के सेवा संबंधी सभी प्रकार के मामलों का निस्तारण एक सप्ताह के अंदर करने के निर्देश डीएम हीरालाल ने दिए हैं। साथ ही इसके लिए निगरानी समिति गठित की है। मुख्य कोषाधिकारी को नोडल नियुक्त किया है।
जिलाधिकारी ने सभी कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे कार्यालय में कार्यरत स्थायी व संविदा कर्मचारियों की सेवा संबंधी सभी प्रकार के प्रकरणों का निस्तारण एक सप्ताह में कराकर इसका प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएं। अधिकारियों को आगाह किया है कि इसमें हीलाहवाली या निस्तारण का फर्जी प्रमाणपत्र दिया तो संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई होगी।
इधर, नोडल अधिकारी विनोद कुमार ने भी डीएम के पत्र का हवाला देकर कार्यालयाध्यक्षों को पत्र जारी कर कहा है कि कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण करें। कार्रवाई की रिपोर्ट रोजाना प्रेषित करें। कार्यालयों में निष्प्रयोज्य सामग्री व रद्दी को हटवा दें। अनुमति लेकर उसकी नीलामी कराएं। जिलाधिकारी के निरीक्षण में किसी भी कार्यालय में गंदगी या निष्प्रयोज्य सामग्री पाई जाएगी तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के निर्देश पर कलक्ट्रेट के विभिन्न अनुभागों में चलाए गए तीन दिवसीय सफाई अभियान में लगभग एक ट्रक रद्दी व दो ट्रक टूटा फर्नीचर निकला। इसे नीलामी के लिए रखवा दिया गया है। कलक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद ने बताया कि सफाई अभियान जारी है। सभी कबाड़ निकालकर जिलाधिकारी की अनुमति से निस्तारण कराया जाएगा।
-डीएम ने कार्यालयाध्यक्षों को दिए निर्देश
-निगरानी समिति का किया गया गठन