अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। गरीब अल्पसंख्यक बेटियों की शादी अनुदान योजना अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। शासन ने अनुदान के लिए 25 लाख रुपये आवंटित किए हैं लेकिन आवेदन पत्रों की जांच नहीं हो पा रही है। वित्तीय वर्ष खत्म होने में चंद दिन बचे हैं। ऐसे में बहुत सी गरीब बेटियां इस योजना से वंचित हो जाएंगी। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों से तहसील स्तर पर लंबित आवेदनों की जांच कराकर तत्काल अल्पसंख्यक विभाग सूची भेजने को कहा है।
सपा सरकार में शुरू हुई शादी अनुदान योजना सत्ता बदलते ही रोक दी गई थी। इसके एवज में भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरू की। बाद में अल्पसंख्यक शादी अनुदान योजना फिर बहाल कर दी। जांच में पात्र मिलने पर प्रति लाभार्थी 20 हजार रुपये उनके खाते में आरटीजीएस के जरिए भेजा जाता है। शासन ने चालू वर्ष में अल्पसंख्यक परिवार की 125 बेटियों को शादी अनुदान का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके लिए 25 लाख रुपये आवंटित हुए हैं। जिले भर से 225 परिवारों ने आवेदन किए थे। इन आवेदनों की तहसील स्तर पर जांच की जा रही है। अभी तक 80 आवेदनों की जांच कर अल्पसंख्यक विभाग को सूची भेजी गई है। अन्य आवेदन लंबित हैं।
उधर, वित्तीय वर्ष खत्म होने में 17 दिन बचे हैं। यदि आवेदनपत्रों की जांच जल्द नहीं पूरी होती तो अनुदान का पैसा सरेंडर हो जाएगा। जिलाधिकारी दिव्य प्रकाश गिरि ने सभी उप जिलाधिकारियों से शादी अनुदान के आवेदनों की जांच तीन दिन के अंदर कर अल्पसंख्यक विभाग को भेजने को कहा है। उधर, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि जितने आवेदनों की जांच हो गई है उनके खातों में पैसा भेजा जा रहा है। अगले आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद धनराशि हस्तांतरित की जाएगी।
-125 अल्पसंख्यकों की शादी के लिए शासन से मिले हैं 25 लाख
-तहसील स्तर पर अटके हैं आवेदन पत्र, डीएम ने तीन दिन में मांगी जांच आख्या