करतल (बांदा)। सीमावर्ती बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की आपसी लड़ाई में एक शावक बाघ की मौत हो गई। यह घटना पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र के मंडला गेट में हुई। आशंका है कि टेरिटरी को लेकर दो बाघों में संघर्ष हुआ था। जिस पर दोनों बाघ लड़ पड़े और एक को अपनी जान गंवानी पड़ी।
बाघिन पी-151 के दो शावक थे। 17 माह उम्र वाले शावक को पन्ना टाइगर रिजर्व के मुख्य गेट मंडला गेट से करीब दो किमी अंदर जंगल की ओर डिकी तलैया के पास बाघ पी-661 ने आपसी संघर्ष के दौरान मार दिया। इसकी जानकारी होने पर पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन में हड़कंप मच गया। वहां से बाघ भाग निकला। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन की ओर से शव को सुरक्षित किया गया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराकर प्रबंधन ने अपनी मौजूदगी में उसका दाह संस्कार कराया। बता दें कि करीब दो महीना पहले पन्ना टाइगर रिजर्व के हिनौता गेट के पास मुख्य सड़क से करीब 100 मीटर अंदर कटारिया बीट में कक्ष क्रमांक-278 में बाघ का एक शव 20 से 25 दिन पुराना कंकाल मिला था जिसकी मौत भी आपसी संघर्ष से होना बताया गया था।
पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर बीके पटेल ने बताया कि 30 जून को मंडला गेट अंतर्गत बाघों के आपसी संघर्ष में एक बाघ की मौत हो गई है। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। एवं पोस्टमार्टम के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में शव का दाह संस्कार किया गया है।