बांदा। परिषदीय स्कूलों में प्राथमिक उपचार पेटिका (फर्स्ट एड बाक्स) का बजट बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। अब प्रत्येक विद्यालय को इस मद में 2000 रुपये मिलेंगे। इससे पहले 1000 रुपये मिलते थे। बाक्स में थर्मामीटर से लेकर जरूरी दवाएं उपलब्ध रहेंगी।
शासन ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कंपोजिट स्कूल ग्रांट के तहत परिषदीय स्कूलों को प्राथमिक उपचार बाक्स (फर्स्ट एड) के लिए दी जाने वाली धनराशि को दोगुना कर दिया है। बॉक्स में अब थर्मामीटर, एंटीसेप्टिक लिक्विड, क्रीम, पेन रिलीवर टैबलेट, पैरासीटामॉल, पेट दर्द, गैस की दवा, बरनॉल, ओआरएस, आंख पर लगाने वाली पैड, गरम पानी की बोतल, ब्लेड, मेडिकल टेप, क्रैंप बैंडेज, मरहम पट्टी आदि उपलब्ध रहेगा।
अपर शिक्षा निदेशक ललिता प्रदीप ने बेसिक शिक्षाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा है कि नवीन शिक्षा सत्र से सभी स्कूलों में फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, ताकि बच्चों के बीमार होने या चोट लगने पर तत्काल विद्यालय में ही उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा सके। यह भी निर्देश दिया है कि प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार न होने पर बच्चे को नजदीकी सरकारी चिकित्सालय में भर्ती कराया जाए। इसके लिए पुलिस व एंबुलेंस की मदद ली जाए। इसकी जानकारी अभिभावक को दी जाए। ज्ञात हो कि जनपद के प्रत्येक विद्यालय कंपोजिट स्कूल ग्रांट के तहत 15 प्रकार के मदों के लिए 25 हजार रुपये सालाना दिए जाते हैं।
चालू हालत में रखे जाएं अग्निशमन यंत्र
बांदा। अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने यह भी निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में प्रति कक्ष में एक अग्निशमन यंत्र रखा जाए। पहले से उपलब्ध यंत्र की रिफिलिंग करा ली जाए। इसके अलावा विद्यालय में दो या चार बालू भरी बाल्टी रखी जाएं। 500 से 1000 हजार लीटर का पानी टैंक बनवाकर हर समय पानी से भरा रखा जाए।
शिक्षा सत्र के पूर्व हो जाएगी व्यवस्थाएं
सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक अरविंद अस्थाना ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट स्कूलों को भेज दी गई है। प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षा सत्र के पूर्व स्वच्छता, पेटिंग, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण मरम्मत आदि के कार्य पूरा करा लें।