फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निजी खेत की मेड़ों में मनरेगा से होगी हरियाली

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। प्रदेश सरकार निजी खेतों की मेड़ भी हरीभरी करेगी। इसके लिए मनरेगा के अंतर्गत मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना लागू की गई है। लाभार्थियों की पात्रता के लिए कई मानक हैं। तीन वर्षीय परियोजना में प्रत्येक लाभार्थी को 200 पौधे रोपने को दिए जाएंगे। यह कार्य मानव दिवस (मजदूरी) से होगा। फलदार और छायादार पौधे ही लगाए जा सकेंगे।


प्रदेश के ग्राम विकास विभाग द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया है कि मनरेगा अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति, बीपीएल परिवार, महिला मुखिया वाले परिवार, शारीरिक रूप से विकलांग मुखिया के परिवार, भूमि सुधारों के लाभार्थी, इंदिरा/प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी और पारंपरिक वनवासी इत्यादि इस योजना के पात्र होंगे। शर्त यह है कि लाभार्थी परिवार में किसी एक के पास जॉबकार्ड हो। मेड़ में लगाए जाने वाले पौधों में छायादार, फलदार और औषधि वृक्ष प्रजाति के वही पौधे, जो मनरेगा में मान्य हैं, लगाए जा सकेंगे। इनमें मुख्यत: शीशम, नीम, खैर, बबूल, अरु, मलबरी, सहजन, कदंब, सागौन, गमहार, यूकेलिप्टस, पापुलर, कलमी व देशी आम, कटहल, अमरूद, आंवला, बेल, जामुन, नीबू, चीकू आदि शामिल हैं।
विज्ञापन



निजी खेत की मेड़ पर पौधरोपण के लिए प्रति परियोजना दो सौ पौधे लगाए जाएंगे। हरेक पौधे की दूसरे से दूरी दो से तीन मीटर होगी। परियोजना की लागत मनरेगा या वन विभाग की लागू दरों के मुताबिक होंगी। प्रथम वर्ष 71 मानव दिवस सृजित होंगे। द्वितीय व तृतीय वर्ष 95-95 मानव दिवस सृजित किए जाएंगे। प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए ग्राम पंचायत के कार्यदार्यी संस्था होने पर कार्यक्रम अधिकारी या बीडीओ अधिकृत होंगे। अन्य विभाग की कार्यदायी संस्था होने पर यह स्वीकृति देने का अधिकार जिलाधिकारी/जिला कार्यक्रम समन्वयक को होगा। और भी शर्तें शासनादेश में बताई गई हैं।
विज्ञापन


बांदा। प्रदेश सरकार ने सड़कों के फुटपाथों को छायादार और फलदार वृक्षों से हराभरा बनाने के लिए मनरेगा के तहत मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना भी लागू की है। सड़क या नहर किनारे, सार्वजनिक परिसरों जैसे शवदाह गृह, खेल मैदान, आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी स्कूल, छात्रावास, ग्राम समाज की भूमि, सरकारी सार्वजनिक भवनों की बाउंड्री और सामुदायिक/शासकीय भूमि पर यह योजना लागू होगी। प्रदेश के ग्राम विकास विभाग द्वारा जारी शासनादेश में योजना की शर्तों के तहत सड़क किनारे छह मीटर और नहर किनारे चार मीटर तथा सामुदायिक स्थलों पर चार मीटर के अंतर पर पौधे लगेंगे। पौधों में आम, इमली, जामुन, नीम, सहजन, अर्जुन, पीपल, बरगद, शीशम, सागौन, कंजी, सीरस, यूकेलिप्टस, नीबू, आंवला, कदंब, गुलमोहर, बांस आदि शामिल हैं। इस योजना में मानव दिवसों की शर्त शामिल है। भुगतान मनरेगा के प्रावधानों के तहत होगा।


-मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना लागू
-कई श्रेणी के लोग ले सकेंगे लाभ
-तीन वर्षीय परियोजना में लाभार्थी को 200 पौधे दिए जाएंगे
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें